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दयाशंकर जेल से रिहा
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:55 PM IST
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दयाशंकर जेल से बाहर आने के बाद समर्थकों के बीच
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भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह रविवार की सुबह 7.45 बजे जिला जेल से रिहा हो गए। जेल गेट पर पहुंचते ही बाहर मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और बेटी बीमार हैं इसलिए पहले वे परिवार को देखेंगे, इसके बाद राजनीति की कोई बात होगी। जेल से निकलने के बाद वे सीधे वनदेवी धाम पहुंचे और माता का दर्शन किया। इसके बाद वे कार से लखनऊ रवाना हो गए।
रविवार को दयाशंकर की रिहाई को देखते हुए बड़ी संख्या में उनके समर्थक फूल-मालाओं के साथ जिला कारागार के गेट पर पहुंच गए थे। 7.45 बजे दयाशंकर जिला कारागार से बाहर आए। उनके निकलते ही कार्यकर्ताओं ने उनके सम्मान में नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा नेता अशोक सिंह, डा. एचएन सिंह, अरिजीत सिंह, गनेश सिंह, अजय सिंह, विजय नरायन शर्मा सहित भाजपा नेताओं एवं क्षत्रिय समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां से वे मां वनदेवी का दर्शन करने के लिए रवाना हो गए।
मां के दर्शन के बाद वह मीडिया से मुखातिब हुए, यहां भी उन्होंने पहले परिवार की देखभाल की बात दुहराई। कहा मेरी पत्नी और बेटी की तबीयत खराब है। ऐसे में उनकी पहली प्राथमिकता परिवार को संभालना है। इसके बाद बसपा के विरुद्ध संघर्ष किया जाएगा। दो शब्द बोलने के बाद वे लखनऊ स्थित अपने आवास जाने के लिए निकल गए। बीच में उन्होंने स्वाति सिंह के प्रकरण पर बसपा छोड़ने वाले अधिवक्ता अजय सिंह के घर जा कर मुलाकात की।
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बता दें कि शनिवार को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद औपचारिकताएं पूरा करने में काफी देर हो गई थी। इससे उनकी रिहाई रविवार तक के लिए टल गई थी। इससे बलिया से आए समर्थक और कार्यकर्ता रात को जेल बाहर ही सोए। रविवार की सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार पर स्थानीय समर्थकों की भी भीड़ लग गई। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, समर्थकों की संख्या में इजाफा होता गया। जेल पर भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रविवार की सुबह ही सीओ सिटी पंकज सिंह के नेतृत्व में शहर कोतवाल एमपी सिंह, थानाध्यक्ष सरायलखंसी ज्ञानेश्वर मिश्र आदि जेल पर तैनात थे।
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रविवार को दयाशंकर की रिहाई को देखते हुए बड़ी संख्या में उनके समर्थक फूल-मालाओं के साथ जिला कारागार के गेट पर पहुंच गए थे। 7.45 बजे दयाशंकर जिला कारागार से बाहर आए। उनके निकलते ही कार्यकर्ताओं ने उनके सम्मान में नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा नेता अशोक सिंह, डा. एचएन सिंह, अरिजीत सिंह, गनेश सिंह, अजय सिंह, विजय नरायन शर्मा सहित भाजपा नेताओं एवं क्षत्रिय समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां से वे मां वनदेवी का दर्शन करने के लिए रवाना हो गए।
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मां के दर्शन के बाद वह मीडिया से मुखातिब हुए, यहां भी उन्होंने पहले परिवार की देखभाल की बात दुहराई। कहा मेरी पत्नी और बेटी की तबीयत खराब है। ऐसे में उनकी पहली प्राथमिकता परिवार को संभालना है। इसके बाद बसपा के विरुद्ध संघर्ष किया जाएगा। दो शब्द बोलने के बाद वे लखनऊ स्थित अपने आवास जाने के लिए निकल गए। बीच में उन्होंने स्वाति सिंह के प्रकरण पर बसपा छोड़ने वाले अधिवक्ता अजय सिंह के घर जा कर मुलाकात की।
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बता दें कि शनिवार को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद औपचारिकताएं पूरा करने में काफी देर हो गई थी। इससे उनकी रिहाई रविवार तक के लिए टल गई थी। इससे बलिया से आए समर्थक और कार्यकर्ता रात को जेल बाहर ही सोए। रविवार की सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार पर स्थानीय समर्थकों की भी भीड़ लग गई। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, समर्थकों की संख्या में इजाफा होता गया। जेल पर भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रविवार की सुबह ही सीओ सिटी पंकज सिंह के नेतृत्व में शहर कोतवाल एमपी सिंह, थानाध्यक्ष सरायलखंसी ज्ञानेश्वर मिश्र आदि जेल पर तैनात थे।