फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Decision will come today in hate speech case

Mau News: नफरती भाषण मामले में आज आएगा फैसला

Fri, 30 May 2025 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
Decision will come today in hate speech case
मऊ। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के मामले मे फैसला शनिवार को होना है। सीजेएम डा. केपी सिंह ने मामले में पक्षकारों की बहस सुनने के बाद फैसला के लिए 31 मई की तिथि नियत की है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
विज्ञापन

मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया।
आरोप था कि 3 मार्च 2202 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने जनसभा के दौरान मंच से अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी।
विज्ञापन

पुलिस ने विवेचना में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। मामले में बहस पूरी हो गई है। सीजेएम ने मामले में फैसला के लिए 31 मई की तिथि नियत की।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब्बास पर यह है आरोप : आपराधिक षड्यंत्र, धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कार्य करना। इसके अलावा लोक सेवक के कृत्यों मे बाधा डालना, लोक सेवक को क्षति करने करने की धमकी, निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिपरूपण के अलावा आपराधिक अभित्रास का आरोप है।

मारपीट के मामले में मां-बेटों सहित तीन को एक वर्ष की सजा

मऊ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साक्षी सिंह ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और गाली तथा धमकी देने के मामले में नामजद तीन आरोपियों चौहानगढ़ गांव निवासी चन्दशेखर और सतेंद्र पुत्र डल्लू राजभर तथा सनमाती पत्नी डल्लू राजभर को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद तीनों को एक-एक वर्ष की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन की से अभियोजन अधिकारी प्रिया सिंह ने पैरवी किया, वही गवाहों को कोर्ट में पेश करने में पैरोकार आरक्षी रामभवन का योगदान रहा ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed