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बिंदटोलिया गांव के 12 मकानों पर घाघरा नदी में विलीन होने का खतरा
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दुबारी। घाघरा नदी के उग्र होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया पुरवा में कटान तेज होने से गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। रविवार को भी कटान जारी रही। एक दर्जन से अधिक परिवारों के मकान नदी के जद में आ जाने से गांव में दहशत का माहौल है। अब लोग सुरक्षित ठौर की तलाश में जुट गए हैं। कटान पीड़ितों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद भी कटान समस्या से निजात नहीं दिलाई जा सकी है।
घाघरा नदी के उग्र होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया पुरवा में कटान तेज होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। रविवार के दिन भी नदी में कटान जारी था। अब तक एक दर्जन परिवारों का मकान नदी के जद में आ गया है। नदी के कटान की गति तीव्र होने से कटान पीड़ितों के नींद ही उड़ गई है। लोग जागकर रात बिता रहे हैं।
शासन की तरफ से घाघरा नदी में डाइवर्जन निर्माण कार्य रुक जाने से बिंदटोलिया गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है। गत वर्ष 50 घर और सैकड़ों एकड़ जमीन कटान में विलीन हो गई थी। कटान समस्या को लेकर गांव के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन था। शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के तहत छह किलोमीटर लंबा 30 मीटर चौड़ा तीन मीटर गहरा करने को था लेकिन निर्माण कार्य काफी देर से शुरू हुआ जिससे कारण घाघरा नदी में डाइवर्जन निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हो सका। घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने से डाईवर्जन निर्माण कार्य बंद हो गया है। घाघरा में हो रही कटान से रामजीत सहानी, भुपेंद्र सहानी, धर्मेंद्र सहानी, रविंद्र सहानी, रामलाल सहानी, रामदेव सहानी, अजय सहानी, रामविलास, गोरख लाली सहित दर्जनों लोगों के आशियानों के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत सिंचाई विभाग के जेई कमलेश यादव का कहना है कि अभी घाघरा नदी में यूपी पीसीएल के द्वारा धारा मोड़ने के लिए ड्रेजिंग का कार्य कराया जा रहा है।
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घाघरा नदी के उग्र होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया पुरवा में कटान तेज होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। रविवार के दिन भी नदी में कटान जारी था। अब तक एक दर्जन परिवारों का मकान नदी के जद में आ गया है। नदी के कटान की गति तीव्र होने से कटान पीड़ितों के नींद ही उड़ गई है। लोग जागकर रात बिता रहे हैं।
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शासन की तरफ से घाघरा नदी में डाइवर्जन निर्माण कार्य रुक जाने से बिंदटोलिया गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है। गत वर्ष 50 घर और सैकड़ों एकड़ जमीन कटान में विलीन हो गई थी। कटान समस्या को लेकर गांव के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन था। शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के तहत छह किलोमीटर लंबा 30 मीटर चौड़ा तीन मीटर गहरा करने को था लेकिन निर्माण कार्य काफी देर से शुरू हुआ जिससे कारण घाघरा नदी में डाइवर्जन निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हो सका। घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने से डाईवर्जन निर्माण कार्य बंद हो गया है। घाघरा में हो रही कटान से रामजीत सहानी, भुपेंद्र सहानी, धर्मेंद्र सहानी, रविंद्र सहानी, रामलाल सहानी, रामदेव सहानी, अजय सहानी, रामविलास, गोरख लाली सहित दर्जनों लोगों के आशियानों के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत सिंचाई विभाग के जेई कमलेश यादव का कहना है कि अभी घाघरा नदी में यूपी पीसीएल के द्वारा धारा मोड़ने के लिए ड्रेजिंग का कार्य कराया जा रहा है।
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