{"_id":"573dee554f1c1baa0aac70fa","slug":"dharmendra-singh-mara-gaya","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मेंद्र सिंह के आतंक का अंत, व्यापारियों में खुशी की लहर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धर्मेंद्र सिंह के आतंक का अंत, व्यापारियों में खुशी की लहर
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Thu, 19 May 2016 10:18 PM IST
विज्ञापन
dharmendra singh file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर में गुरुवार को एसटीएफ के एनकाउंटर में दो लाख के इनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह के मरते ही जिले के व्यापारियों से लेकर आम लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई स्थानों पर तो व्यापारियों ने मिठाई तक बांट डाली और पटाखे भी छोड़े गए।
वहीं पुलिस ने भी राहत की सांस ली। धर्मेंद्र सिंह काफी दिनों से मऊ ही नहीं बल्कि पूर्वांचल की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला धमेंद्र सिंह नवागत पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना के जनपद में आने के बाद उसने खुले रूप से पुलिस को चुनौती देकर घटनाओं को अंजाम देने में लगा था।
चिरैयाकोट में 22 मार्च को विनोद सेठ को एके 47 से दिनदहाड़े हत्या करने के बाद वह जिले में आतंक का पर्याय बन चुका था। यही नहीं उसने जिले के कई बड़े व्यापारियों सहित चिकित्सकों आदि से रंगदारी मांग रखी थी।
विज्ञापन
11 मई को बढ़ुआ गोदाम में दवा व्यापारी घूरा गुप्ता की हत्या के बाद धर्मेंद्र सिंह को एसटीएफ सहित कई जनपदों की क्राइम ब्रांच ढूंढ रही थी। इधर कुछ दिनों से धर्मेंद्र का लोकेशन बिहार में मिल रहा था। एसटीएफ और मऊ जनपद की स्वाट टीम सहित पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना लगातार उस पर और उसके साथियों पर नजर रखे हुए थे।
गुरुवार को उसके गोरखपुर जनपद में मारे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने न सिर्फ राहत की सांस ली बल्कि यहां के व्यापारियों, चिकित्सकों ने भी खुशी का इजहार किया।
विज्ञापन
वहीं पुलिस ने भी राहत की सांस ली। धर्मेंद्र सिंह काफी दिनों से मऊ ही नहीं बल्कि पूर्वांचल की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला धमेंद्र सिंह नवागत पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना के जनपद में आने के बाद उसने खुले रूप से पुलिस को चुनौती देकर घटनाओं को अंजाम देने में लगा था।
विज्ञापन
चिरैयाकोट में 22 मार्च को विनोद सेठ को एके 47 से दिनदहाड़े हत्या करने के बाद वह जिले में आतंक का पर्याय बन चुका था। यही नहीं उसने जिले के कई बड़े व्यापारियों सहित चिकित्सकों आदि से रंगदारी मांग रखी थी।
विज्ञापन
11 मई को बढ़ुआ गोदाम में दवा व्यापारी घूरा गुप्ता की हत्या के बाद धर्मेंद्र सिंह को एसटीएफ सहित कई जनपदों की क्राइम ब्रांच ढूंढ रही थी। इधर कुछ दिनों से धर्मेंद्र का लोकेशन बिहार में मिल रहा था। एसटीएफ और मऊ जनपद की स्वाट टीम सहित पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना लगातार उस पर और उसके साथियों पर नजर रखे हुए थे।
गुरुवार को उसके गोरखपुर जनपद में मारे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने न सिर्फ राहत की सांस ली बल्कि यहां के व्यापारियों, चिकित्सकों ने भी खुशी का इजहार किया।