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ारोबारी को दुकान से उठाकर पीटा
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:09 AM IST
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मऊ। सरायलखंसी थाने की पुलिस एक दुकानदार को छेड़खानी के आरोप में थाने उठा लाई और पिटाई करने के बाद उसे हवालात में डाल दिया। आरोप है कि दरोगा ने 15 हजार रुपये लेने के बाद पीड़ित को छोड़ा। शनिवार को पीड़ित की शिकायत पर अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव ने सीओ नगर को मामले की जांच का आदेश दिया।
पीड़ित दुकानदार ओमप्रकाश गुप्ता सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बरपुर नई बस्ती मुहल्ले के निवासी हैं। उन्होंने घर में ही हार्डवेयर की दुकान खोली है। ओमप्रकाश ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पांच सितंबर को सादे वेश में पहुंचे सिपाहियों ने उनसे थाने पर चलने को कहा। कारण पूछने पर कहा कि मनोज सिंह दरोगा ने बुलाया है। ओमप्रकाश के अनुसार, मैंने स्नान, ध्यान का बहाना बनाया, लेकिन तभी दरोगा पहुंच गए और जबरन वाहन से थाने उठा ले गए। वहां मेरी पिटाई की और कहा कि तुम सुलह कराने के बहाने छेड़खानी करते हो। फिर मुझे हवालात में डाल दिया। पूरे दिन हवालात में रहने के बाद दरोगा ने देर शाम को तब छोड़ा, जब उन्हें 15 हजार रुपये दिए गए। पीड़ित ने बताया कि मैंने किसी के साथ छेड़खानी नहीं की है। एएसपी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जबकि उपनिरीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि दुकानदार एक महिला से फोन पर अश्लील बातें कर रहा था। इसलिए उसे थाने पर बुलाया गया था। पिटाई और रुपये लेने का आरोप गलत है।
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पीड़ित दुकानदार ओमप्रकाश गुप्ता सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बरपुर नई बस्ती मुहल्ले के निवासी हैं। उन्होंने घर में ही हार्डवेयर की दुकान खोली है। ओमप्रकाश ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पांच सितंबर को सादे वेश में पहुंचे सिपाहियों ने उनसे थाने पर चलने को कहा। कारण पूछने पर कहा कि मनोज सिंह दरोगा ने बुलाया है। ओमप्रकाश के अनुसार, मैंने स्नान, ध्यान का बहाना बनाया, लेकिन तभी दरोगा पहुंच गए और जबरन वाहन से थाने उठा ले गए। वहां मेरी पिटाई की और कहा कि तुम सुलह कराने के बहाने छेड़खानी करते हो। फिर मुझे हवालात में डाल दिया। पूरे दिन हवालात में रहने के बाद दरोगा ने देर शाम को तब छोड़ा, जब उन्हें 15 हजार रुपये दिए गए। पीड़ित ने बताया कि मैंने किसी के साथ छेड़खानी नहीं की है। एएसपी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जबकि उपनिरीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि दुकानदार एक महिला से फोन पर अश्लील बातें कर रहा था। इसलिए उसे थाने पर बुलाया गया था। पिटाई और रुपये लेने का आरोप गलत है।
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