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रिटायर्ड फौजी ने भाले से प्रहार कर वृद्ध को मार डाला
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:43 PM IST
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रानीपुर (मऊ)। थाना क्षेत्र के रामवन काझा गांव में गुुरुवार की रात एक सेवानिवृत्त फौजी ने पड़ोस मेें रहने वाले वृद्ध पर भाले से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वृद्ध के चीखने पर बचाने आई उसकी पुत्री और पुत्र को भी फौजी ने मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। घटना की जानकारी होने पर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। लेकिन सेवानिवृत्त फौजी के एकबारगी हिंसक होने के कारण की जानकारी किसी को नहीं हो पाई। इसको लेकर पुलिस और गांव के लोग आपस में चर्चा कर रहे थे। लेकिन दूसरे दिन दोपहर तक कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। घटना के बाद रिटायर्ड फौजी अपने घर पर जाकर आराम से बैठ गया। जिसे पुलिस पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने उसके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेजने के लिए कोर्ट रवाना कर दिया।
रानीपुर थाना क्षेत्र के रामवन काझा गांव निवासी जगदीश सिंह (80) पुत्र स्व. रामाधार सिंह गुरुवार की रात अपने दरवाजे पर कुर्सी लगाकर बैठे थे। परिवार के सदस्य अपने कमरों में थे। तभी उनका पड़ोसी और सेवानिवृत्त फौजी संतोष सिंह भाला लेकर वहां पहुंचा। बैठे लोग अभी कुछ समझ पाते कि फौजी ने जगदीश सिंह पर भाले से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। फौजी के हमले से जगदीश सिंह के पेट और पीठ में चोटें आईं। अचानक हुए हमले से जगदीश सिंह बौखला गए। उनकी चीख पुकार सुनकर मकान के अंदर से उन्हें बचाने के लिए उनकी पुत्री 40 वर्षीय ऊषा सिंह और पुत्र वीरेंद्र सिंह भागकर बाहर आए। रिटायर्ड फौजी ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। इस पर वो लोग भी डर कर फरार हो गए। घटना के बाद रिटायर्ड फौजी अपने घर गया और अपने दरवाजे पर जाकर बैठ गया। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया। पूरे गांव में रिटायर्ड फौजी की इस करतूस से सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजन आनन फानन में भाले से गंभीर रूप से घायल जगदीश सिंह को जिला अस्पताल लाए लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घायल ऊषा सिंह एवं वीरेंद्र का दवा इलाज कराकर घर भेज दिया गया। घटना की सूचना पाकर मौके पर रात में ही सीओ, थानाध्यक्ष पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर रिटायर्ड फौजी संतोष सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बावजूद इसके रिटायर्ड फौजी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं थी।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अनिल सिंह का कहना है कि आरोपी गांव में सनकी प्रवृत्ति के नाम से जाना जाता है। घटना का कोई स्पष्ट कारण आरोपित भी नहीं बता पा रहा है और न ही किसी प्रकार की उनकी कोई दुश्मनी थी। मृतक के पुत्र वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी रिटायर्ड फौजी संतोष सिंह के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय चालान कर दिया।
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रानीपुर थाना क्षेत्र के रामवन काझा गांव निवासी जगदीश सिंह (80) पुत्र स्व. रामाधार सिंह गुरुवार की रात अपने दरवाजे पर कुर्सी लगाकर बैठे थे। परिवार के सदस्य अपने कमरों में थे। तभी उनका पड़ोसी और सेवानिवृत्त फौजी संतोष सिंह भाला लेकर वहां पहुंचा। बैठे लोग अभी कुछ समझ पाते कि फौजी ने जगदीश सिंह पर भाले से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। फौजी के हमले से जगदीश सिंह के पेट और पीठ में चोटें आईं। अचानक हुए हमले से जगदीश सिंह बौखला गए। उनकी चीख पुकार सुनकर मकान के अंदर से उन्हें बचाने के लिए उनकी पुत्री 40 वर्षीय ऊषा सिंह और पुत्र वीरेंद्र सिंह भागकर बाहर आए। रिटायर्ड फौजी ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। इस पर वो लोग भी डर कर फरार हो गए। घटना के बाद रिटायर्ड फौजी अपने घर गया और अपने दरवाजे पर जाकर बैठ गया। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया। पूरे गांव में रिटायर्ड फौजी की इस करतूस से सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजन आनन फानन में भाले से गंभीर रूप से घायल जगदीश सिंह को जिला अस्पताल लाए लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घायल ऊषा सिंह एवं वीरेंद्र का दवा इलाज कराकर घर भेज दिया गया। घटना की सूचना पाकर मौके पर रात में ही सीओ, थानाध्यक्ष पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर रिटायर्ड फौजी संतोष सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बावजूद इसके रिटायर्ड फौजी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं थी।
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इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अनिल सिंह का कहना है कि आरोपी गांव में सनकी प्रवृत्ति के नाम से जाना जाता है। घटना का कोई स्पष्ट कारण आरोपित भी नहीं बता पा रहा है और न ही किसी प्रकार की उनकी कोई दुश्मनी थी। मृतक के पुत्र वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी रिटायर्ड फौजी संतोष सिंह के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय चालान कर दिया।
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