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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Consumption of contaminated water is constrained

दूषित पानी के सेवन को हैं विवश

Sun, 27 Aug 2017 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,मऊ
अमर उजाला ब्यूरो,मऊ Updated Sun, 27 Aug 2017 10:55 PM IST
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मऊ। जल निगम और निकायों द्वारा संचालित ओवरहेड टैंकों की सफाई समय से नहीं की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में दशकों पूर्व बिछाई गई पाइपलाइन में आए दिन फटने की शिकायत एवं प्रदूषित जल की सप्लाई मिलती रहती है। इससे पाइन लाइन में गंदा पानी घुस जाता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। शासन की तरफ से बरसात पूर्व क्लोरीन गोली बांटने और ओटी टेस्ट के लिए टीम गठित करने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन सब कुछ कागज पर चल रहा है। अपर जिलाधिकारी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रति परिवार क्लोरीन गोली वितरित करने का दावा किया है।                    
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नगर पालिका क्षेत्र मऊ में मौजूद आधा दर्जन सहित जिले में 25 ओवरहेड टैंक हैं। नगर क्षेत्र के पुलिस लाइन, हाइडिल कालोनी, मुंशीपुरा, मातापोखरा, पावर हाउस कालोनी सहित आधा दर्जन ओवरहेड टैंकों की देखरेख और सफाई नगरपालिका से होती है। वहीं 25  ओवरहेड टैंकों की सफाई और मरम्मत कार्य का जिम्मा जल निगम के जिम्मे है।  नगरपालिका, नगर पंचायतों और जलनिगम से संचालित ओवरहेड टैंकों की सफाई वर्षों से नहीं की जा रही है। नियम के तहत ओवरहेड टैंकों पर सफाई करने की तिथि लिखनी होती है, लेकिन किसी भी ओवरहेड टैंक पर तिथि अंकित नहीं की गई है। शासन की तरफ से बरसात को देखते हुए क्लोरीन गोली वितरित करने, ओटी टेस्ट के लिए टीम गठित करने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन सब कागज पर चल रहा है।  बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में क्लोरीन गोली वितरित नहीं किया जा सका है। कुछ परिवारों में क्लोरीन गोली वितरित कर खानापूर्ति कर दी गई है।
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 ग्रामीण इलाकों के ओवरहेड टैंकों की स्थिति दयनीय है। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के चिरैयाकोट, मधुबन कस्बा, दुबारी, गोठा, रतनपुरा सहित विभिन्न इलाकों के  ओवरहेड टैंकों की स्थिति बेहद खराब है। जल निगम की तरफ से दशकों पूर्व पाइप लाइन बिछाई गई है। रख रखाव के अभाव में पाइप लाइन जगह-जगह जर्जर हालत में हैं। जलापूर्ति बंद होते ही आसपास जमा गंदा पानी पाइप लाइन को प्रभावित करता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग उल्टी, पेटदर्द, पेचिस सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ग्रामीणों की तरफ से कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी न तो ओवरहेड टैंकों की सफाई ही कराई गई और न जर्जर पाइप लाइन को ही बदला गया।
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इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल गांधी, उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बरनवाल,  का कहना है कि पानी की जांच में सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। ओवरहेड टैंकों की सफाई नियम के तहत नहीं कराई जा रही है। सफाई करते कभी देखा नहीं जाता है। पाइप लाइन की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। इससे आए दिन प्रदूषित जल आपूर्ति का मामला प्रकाश में आता है। इस बाबत अपर जिलाधिकारी मन्नीलाल का कहना था कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रति परिवार क्लोरीन की गोली वितरित की गई है। अन्य क्षेत्रों में संबंधित विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं।                    
 
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