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ग्राम सचिवालयों का नहीं हो सका कंप्यूटरीकरण
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मऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के लोगों को उनके गांवों में ही सभी बुनियादी जनसुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सचिवालयों को कंप्यूटरकृत करके उनमें आपरेटरों की नियुक्ति करने का आदेश जारी किया है। अक्टूबर में ही इन कंप्यूटर सहायकों की नियुक्ति कर दी गई थी। लेकिन ग्राम पंचायतों में अभी तक कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को नहीं लगाया जा सका है। अभी तक कंप्यूटर आपरेटरों को प्रशिक्षण भी नहीं दिया जा सका है।
जनपद में कुल 671 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों को कंप्यूटरीकृत करना है। इनमें काम करने वाले कंप्यूटर सहायकों की नियुक्त दो महीने पहले ही कर ली गई है। इस ग्राम सचिवालयों से गांव के लोगों को राजस्व खतौनी, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल सहित गांवों से संबंधित सभी कागजात सुलभ कराए जाने का प्रावधान है। इसके लिए कंप्यूटर सहित सभी आवश्यक उपकरणों और साज सज्जा तथा कुर्सियां और फर्नीचर की खरीद ग्राम पंचायतों को करना है। लेकिन अब तक किसी भी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों को इस योग्य सुसज्जित नहीं किया गया है।
इतना ही नहीं कंप्यूटर सहायकों को अब तक प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। गांव के लोगों का कहना है कि अब कुछ ही दिनों में विधान सभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। ऐसी स्थिति में यह कार्य कई महीनों के लिए फिर से लटक जाएगा। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार का यह कदम बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे गांव के लोगों की जरूरतें गांव में ही पूरी हो जाएंगी और उन्हें ब्लाक, तहसील और जनपद के कार्यालयों का चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। इस संबंध में सीडीओ राम सिंह वर्मा का कहना है कि कंप्यूटर और उपकरण आदि ग्राम पंचायतों को क्रय करना है। कंप्यूटर सहायकों का प्रशिक्षण कराया जाना अभी बाकी है।
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जनपद में कुल 671 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों को कंप्यूटरीकृत करना है। इनमें काम करने वाले कंप्यूटर सहायकों की नियुक्त दो महीने पहले ही कर ली गई है। इस ग्राम सचिवालयों से गांव के लोगों को राजस्व खतौनी, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल सहित गांवों से संबंधित सभी कागजात सुलभ कराए जाने का प्रावधान है। इसके लिए कंप्यूटर सहित सभी आवश्यक उपकरणों और साज सज्जा तथा कुर्सियां और फर्नीचर की खरीद ग्राम पंचायतों को करना है। लेकिन अब तक किसी भी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों को इस योग्य सुसज्जित नहीं किया गया है।
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इतना ही नहीं कंप्यूटर सहायकों को अब तक प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। गांव के लोगों का कहना है कि अब कुछ ही दिनों में विधान सभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। ऐसी स्थिति में यह कार्य कई महीनों के लिए फिर से लटक जाएगा। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार का यह कदम बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे गांव के लोगों की जरूरतें गांव में ही पूरी हो जाएंगी और उन्हें ब्लाक, तहसील और जनपद के कार्यालयों का चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। इस संबंध में सीडीओ राम सिंह वर्मा का कहना है कि कंप्यूटर और उपकरण आदि ग्राम पंचायतों को क्रय करना है। कंप्यूटर सहायकों का प्रशिक्षण कराया जाना अभी बाकी है।
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