मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र शुरू होने के 112 दिन बाद भी जिले में निदेशालय से नि:शुल्क किताबों की खेप नहीं आ सकी है। हालांकि विभाग की तरफ से किताबों को खरीदने के लिए आदेश भेजा जा चुका है। ऐसे में बच्चें बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालयों में कुछ पुरानी किताबें बच्चों का दी गई हैं। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1,73000 बच्चे पढ़ रहे हैं। पहली से आठवीं के बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म, किताबों सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। नियम के तहत नए शिक्षा सत्र अप्रैल माह में ही किताबें बांट देनी चाहिए लेकिन अभी तक किताबों की खेप निदेशालय से नहीं आ सकी है। जबकि विभाग की तरफ से पुस्तकों के लिए क्रयादेश भेजा जा चुका है। हालांकि अप्रैल में विद्यालयों में शिक्षकों ने कुछ पुरानी पुस्तकें बच्चों में बांटी थीं। लेकिन नवीन नामांकन कराने वाले बच्चों को एक भी किताब नहीं मिली है। ऐसे में वह बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं अभिभावक किताबों के लिए विद्यालयों पर पहुुंच रहे हैं। बढुआगोदाम : क्षेत्र के परदहां, डुमरांव, महलीपुर सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिली हैं। महलीपुर के अभिभावक श्रीकांत प्रसाद, जानकी देवी, सावित्री देवी ने बताया कि अभी तक बच्चों को किताब नहीं मिली है। जबकि नामांकन के दौरान शिक्षकों द्वारा कहा गया था कि योजनाओं का लाभ मिलेगा। बच्चे बिन किताब के ही पढ़ रहे हैं। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि नि:शुुल्क किताबों के लिए क्रयादेश भेज दिया गया है। जल्द ही किताबों की खेप पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल बच्चों को पुरानी किताबें बांटी गई हैं।