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Mau News: डीएपी के दाम से 30 से 50 रुपये ज्यादा वसूल रहे
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मऊ। रबी के सीजन में सहकारी समितियों पर डीएपी की प्रति बोरी पर 30 से 50 रुपये और गेहूं बीज पर प्रति बोरी 116 रुपये की किसानों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। 10 नवंबर तक जिले में 75,307 बोरी डीएपी और 1750 बोरी गेहूं बीज वितरित किया गया था। इस तरह केंद्र प्रभारियों ने डीएपी में लगभग 37.65 लाख और गेहूं बीज में लगभग दो लाख रुपये की अवैध वसूली की है। इसको लेकर किसानों और केंद्र प्रभारियों से झड़प तक हुई, उच्चाधिकारियों से शिकायत भी की गई है।
आरोप है कि केंद्र प्रभारी रात के अंधेरे में खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। इसी तरह का मामला कोपागंज सहकारी समिति के वीडियो से सामने आया है। जहां कुछ लोग रात के अंधेरे में पिकअप और ट्राॅली पर डीएपी लोड करते दिख रहे हैं। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी और जिलाधिकारी ने जांच की थी। कुछ स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कराए गए थे।
जिले में इस सीजन में 8800 क्विंटल गेहूं का बीज किसानों को बांटने के लिए मिला है। इसमें से 10 नवंबर तक 7000 क्विंटल यानी 40 किलो का 1750 बोरी बीज वितरित कर दिया गया था। इसमें चार प्रजातियों के बीज डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-2022, डीबीडब्ल्यू-303, एचडी-3226 और डीबीडब्ल्यू-343 थे।
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सब्सिडी काटने के बाद सभी प्रजातियों के प्रमाणित बीज का दाम प्रति बोरी 936 और आधारित बीज का 934.40 रुपये निर्धारित किया गया है। आरोप है कि सरकारी बीज गोदामों पर बीज का दाम 1050 रुपये बोरी वसूला गया है।
10 नवंबर तक जनपद में सहकारी समितियों पर 75,307 बोरी डीएपी बांटी गई है। इसका दाम 1350 रुपये निर्धारित है लेकिन आरोप है कि केंद्र प्रभारियों ने किसानों से 1380 और 1400 रुपये लिए हैं। ये स्थिति कोपागंज सहकारी समिति, वलीदपुर, गालिबपुर, बनियापार, सुरहुरपुर, करहां, मालव, भदीड़, कोइरियापार, ढाढ़ाचवर, भावरकोल, दुबारी सहकारी समितियों पर है। इसके साथ ही रानीपुर, फतहपुर मंडाव, बड़राव, दोहरीघाट, परदहां ब्लॉक की अन्य समितियों का भी यही हाल है।
कोपागंज निवासी रामविलास, अभय और जयप्रकाश ने बताया कि कोपागंज सहकारी समिति से रात के अंधेरे में डीएपी की कालाबाजारी करने का वीडियो बनाया गया था, जो सही था। विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पर जांच हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पहाड़पुर कमालपुर निवासी दुर्गविजय राजभर, मालव गांव निवासी अभिषेक पांडेय, अनुज प्रजापति, आशीष राम, अमरेश यादव, नागमणि पांडेय आदि किसानों ने बताया कि मालव सहकारी समिति पर डीएपी की एक बोरी के 1400 रुपये लिए गए थे। इसके लिए सुबह से दोपहर तक लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा था।
कोपागंज ब्लॉक के लैरोदोनवार निवासी रामनवल राही, धवरियासाथ गांव निवासी संजय सिंह, जगदीश सिंह, राजेश, ओमकार, मनीष, प्रियांशु ने बताया कि भदसा मानोपुर बीज केंद्र पर गेहूं बीज के लिए 1080 रुपये लिए गए हैं। रतनपुरा ब्लॉक के ठैचा निवासी हीरनिवास यादव, गिरीश यादव, पिपरसाथ निवासी अवनीश यादव, प्रिंस कुमार, सुभाष चंद्र आदि किसानों ने बताया कि सिधवल, पहदेवाजीत, मोइनुद्दीनपुर पहसा, मऊ कुबेर, अईलख, कुड़सर, मेउड़ी आदि समितियों पर डीएपी का दाम 1380 से 1400 रुपये बोरी लिया गया है।
सहकारी समिति मालव पर डीएपी 1400 रुपये प्रति लिए गए। केंद्र प्रभारी से पूछताछ करने पर झड़प की नौबत आ गई। इस संबंध डीएम से शिकायत की गई है। - दुर्ग विजय, किसान।
अपनी जेब से देनी पड़ती है पल्लेदारी
कुछ केंद्र प्रभारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जितनी बार डीएपी समितियों पर आती है, उसका किराया और पल्लेदारी उन्हें अपनी जेब से देनी पड़ती है। जबकि विभागीय उच्चाधिकारी इसका हिसाब बनाकर ऊपर भेजते हैं और बजट हजम कर जाते हैं।
किसानों ने जनसुनवाई पोर्टल पर की शिकायत
वलीदपुर। कांग्रेस के नेता व किसान वीरेंद्र तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके मुहम्मदाबाद गोहना कृषि बीज भंडार केंद्र पर गेहूं और चने के बीज की कालाबाजारी का आरोप लगाया है। जनसुनवाई पोर्टल के साथ उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना को पत्रक देकर जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि बीज प्राइवेट दुकानदारों को बेच दिए गए।
कुछ दिन पहले आधारित गेहूं बीज का वितरण हुआ था। सब्सिडी काटने के बाद इसका दाम 936 रुपये बोरी तय था। अब प्रमाणित बीज बांटा जा रहा है। इसका 1030 रुपये प्रति बोरी दाम है। कोपागंज सहकारी समिति से डीएपी की कालाबाजारी के आरोप कि मेरे साथ जिलाधिकारी ने भी जांच की थी। किसानों से बात की गई, लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं थी। - सोम प्रकाश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, मऊ।
डीएपी का 1350 रुपये बोरी दाम तय है। यदि केंद्र प्रभारी इससे अधिक मूल्य पर बिक्री कर रहे हैं तो, शिकायत करने पर जांच कराई जाएगी। सत्य पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, एआर, आजमगढ़
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आरोप है कि केंद्र प्रभारी रात के अंधेरे में खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। इसी तरह का मामला कोपागंज सहकारी समिति के वीडियो से सामने आया है। जहां कुछ लोग रात के अंधेरे में पिकअप और ट्राॅली पर डीएपी लोड करते दिख रहे हैं। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी और जिलाधिकारी ने जांच की थी। कुछ स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कराए गए थे।
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जिले में इस सीजन में 8800 क्विंटल गेहूं का बीज किसानों को बांटने के लिए मिला है। इसमें से 10 नवंबर तक 7000 क्विंटल यानी 40 किलो का 1750 बोरी बीज वितरित कर दिया गया था। इसमें चार प्रजातियों के बीज डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-2022, डीबीडब्ल्यू-303, एचडी-3226 और डीबीडब्ल्यू-343 थे।
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सब्सिडी काटने के बाद सभी प्रजातियों के प्रमाणित बीज का दाम प्रति बोरी 936 और आधारित बीज का 934.40 रुपये निर्धारित किया गया है। आरोप है कि सरकारी बीज गोदामों पर बीज का दाम 1050 रुपये बोरी वसूला गया है।
10 नवंबर तक जनपद में सहकारी समितियों पर 75,307 बोरी डीएपी बांटी गई है। इसका दाम 1350 रुपये निर्धारित है लेकिन आरोप है कि केंद्र प्रभारियों ने किसानों से 1380 और 1400 रुपये लिए हैं। ये स्थिति कोपागंज सहकारी समिति, वलीदपुर, गालिबपुर, बनियापार, सुरहुरपुर, करहां, मालव, भदीड़, कोइरियापार, ढाढ़ाचवर, भावरकोल, दुबारी सहकारी समितियों पर है। इसके साथ ही रानीपुर, फतहपुर मंडाव, बड़राव, दोहरीघाट, परदहां ब्लॉक की अन्य समितियों का भी यही हाल है।
कोपागंज निवासी रामविलास, अभय और जयप्रकाश ने बताया कि कोपागंज सहकारी समिति से रात के अंधेरे में डीएपी की कालाबाजारी करने का वीडियो बनाया गया था, जो सही था। विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पर जांच हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पहाड़पुर कमालपुर निवासी दुर्गविजय राजभर, मालव गांव निवासी अभिषेक पांडेय, अनुज प्रजापति, आशीष राम, अमरेश यादव, नागमणि पांडेय आदि किसानों ने बताया कि मालव सहकारी समिति पर डीएपी की एक बोरी के 1400 रुपये लिए गए थे। इसके लिए सुबह से दोपहर तक लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा था।
कोपागंज ब्लॉक के लैरोदोनवार निवासी रामनवल राही, धवरियासाथ गांव निवासी संजय सिंह, जगदीश सिंह, राजेश, ओमकार, मनीष, प्रियांशु ने बताया कि भदसा मानोपुर बीज केंद्र पर गेहूं बीज के लिए 1080 रुपये लिए गए हैं। रतनपुरा ब्लॉक के ठैचा निवासी हीरनिवास यादव, गिरीश यादव, पिपरसाथ निवासी अवनीश यादव, प्रिंस कुमार, सुभाष चंद्र आदि किसानों ने बताया कि सिधवल, पहदेवाजीत, मोइनुद्दीनपुर पहसा, मऊ कुबेर, अईलख, कुड़सर, मेउड़ी आदि समितियों पर डीएपी का दाम 1380 से 1400 रुपये बोरी लिया गया है।
सहकारी समिति मालव पर डीएपी 1400 रुपये प्रति लिए गए। केंद्र प्रभारी से पूछताछ करने पर झड़प की नौबत आ गई। इस संबंध डीएम से शिकायत की गई है। - दुर्ग विजय, किसान।
अपनी जेब से देनी पड़ती है पल्लेदारी
कुछ केंद्र प्रभारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जितनी बार डीएपी समितियों पर आती है, उसका किराया और पल्लेदारी उन्हें अपनी जेब से देनी पड़ती है। जबकि विभागीय उच्चाधिकारी इसका हिसाब बनाकर ऊपर भेजते हैं और बजट हजम कर जाते हैं।
किसानों ने जनसुनवाई पोर्टल पर की शिकायत
वलीदपुर। कांग्रेस के नेता व किसान वीरेंद्र तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके मुहम्मदाबाद गोहना कृषि बीज भंडार केंद्र पर गेहूं और चने के बीज की कालाबाजारी का आरोप लगाया है। जनसुनवाई पोर्टल के साथ उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना को पत्रक देकर जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि बीज प्राइवेट दुकानदारों को बेच दिए गए।
कुछ दिन पहले आधारित गेहूं बीज का वितरण हुआ था। सब्सिडी काटने के बाद इसका दाम 936 रुपये बोरी तय था। अब प्रमाणित बीज बांटा जा रहा है। इसका 1030 रुपये प्रति बोरी दाम है। कोपागंज सहकारी समिति से डीएपी की कालाबाजारी के आरोप कि मेरे साथ जिलाधिकारी ने भी जांच की थी। किसानों से बात की गई, लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं थी। - सोम प्रकाश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, मऊ।
डीएपी का 1350 रुपये बोरी दाम तय है। यदि केंद्र प्रभारी इससे अधिक मूल्य पर बिक्री कर रहे हैं तो, शिकायत करने पर जांच कराई जाएगी। सत्य पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, एआर, आजमगढ़