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सावधान: शहर में मिले सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज
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मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर सबसे ज्यादा शहर क्षेत्र में लापरवाही बरती जा रही है। जबकि सबसे ज्यादा संक्रमण का डर शहर क्षेत्र में है। वजह है शहर में बढ़ रहे मरीजों की संख्या का ग्राफ। अब तक मिले 2884 मरीजों में 40 फीसदी मरीज अकेेले मऊ शहर में मिले है। इसके बाद 25 फीसदी मरीज परदहां ब्लाक में मिले है। शहर में मिले अधिक मरीजों के बारे में स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि जनसंख्या घनत्व ज्यादा होने तथा संक्रमित मरीजों के कांटेक्ट्र ट्रेसिंग से ऐसा हुआ है। उधर शहर क्षेत्र में सबसे अधिक मरीज मिलने के बाद शहरवासियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता नहीं दिखाई जा रही है।
बीते एक दिसंबर तक जिले में 2884 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो इसमें मऊ शहर के सबसे ज्यादा 792 मरीज मिले है। वहीं परदहा ब्लाक में 480 मरीज मिले है। इसके बाद तीसरे नंबर पर मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में 257 तथा चौथे नंबर पर फतेहपुर मंडाव ब्लाक में 232 मरीज मिले है। इसी तरह से दोहरीघाट ब्लाक में 217, घोसी में 226, कोपागंज में 206 मरीज मिले है। वहीं रानीपुर तथा रतनपुरा में यह संख्या 190 रही है।
हालांकि इसमें कई मरीज ऐसे भी है जिनकी रिपोर्ट दूसरी बार पॉजिटिव मिली है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीजों के होने के बाद भी रोजाना शहर के बाजारों, सार्वजनिक जगहों, कार्यक्रमों आदि में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता नाम मात्र की है। जबकि इस संख्या पीछे शहर क्षेत्र का परिवेश के साथ जनसंख्या घनत्व के साथ मुख्य कारण है संक्रमित मरीजों के संपर्क में आना। जहां कोई व्यक्ति के संक्रमित मिलने के बाद उस क्षेत्रों के लोगों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
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दूसरी तरफ गांव में जनसंख्या घनत्व कम होने तथा संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता शहरी क्षेत्र से अधिक है। इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि मिले मरीजों में अधिकांश नगर क्षेत्र के है। इसकी वजह जनसंख्या घनत्व के साथ कांटेक्ट्र टेसिंग में आना है।
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बीते एक दिसंबर तक जिले में 2884 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो इसमें मऊ शहर के सबसे ज्यादा 792 मरीज मिले है। वहीं परदहा ब्लाक में 480 मरीज मिले है। इसके बाद तीसरे नंबर पर मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में 257 तथा चौथे नंबर पर फतेहपुर मंडाव ब्लाक में 232 मरीज मिले है। इसी तरह से दोहरीघाट ब्लाक में 217, घोसी में 226, कोपागंज में 206 मरीज मिले है। वहीं रानीपुर तथा रतनपुरा में यह संख्या 190 रही है।
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हालांकि इसमें कई मरीज ऐसे भी है जिनकी रिपोर्ट दूसरी बार पॉजिटिव मिली है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीजों के होने के बाद भी रोजाना शहर के बाजारों, सार्वजनिक जगहों, कार्यक्रमों आदि में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता नाम मात्र की है। जबकि इस संख्या पीछे शहर क्षेत्र का परिवेश के साथ जनसंख्या घनत्व के साथ मुख्य कारण है संक्रमित मरीजों के संपर्क में आना। जहां कोई व्यक्ति के संक्रमित मिलने के बाद उस क्षेत्रों के लोगों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
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दूसरी तरफ गांव में जनसंख्या घनत्व कम होने तथा संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता शहरी क्षेत्र से अधिक है। इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि मिले मरीजों में अधिकांश नगर क्षेत्र के है। इसकी वजह जनसंख्या घनत्व के साथ कांटेक्ट्र टेसिंग में आना है।