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Mau News: बसपा ने पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान पर लगाया दांव, प्रत्याशी घोषित
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मऊ। जिले की घोसी सीट को लेकर बसपा के प्रत्याशी को लेकर लग रही कयास सोमवार को खत्म हो गई। चार दिन पहले कांग्रेस छोड़कर बसपा ज्वाइन किए पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान को पार्टी ने घोसी से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इससे पहले दोनों मुख्य राजनैतिक गठबंधनों में एनडीए, सपा पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। बालकृष्ण बसपा से ही 1999 में घोसी सीट से चुनाव जीत कर सांसद रह चुके हैं।
घोसी पर सबसे पहले भाजपा ने एनडीए गठबंधन सुभासपा के अरविंद राजभर को प्रत्याशी घोषित किया था, उसके कुछ दिन बाद सपा ने राजीव राय को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। उधर दोनों मुख्य राजनैतिक दलों की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से बसपा प्रत्याशी के तौर पर पार्टी के मुसलमान समुदाय से एक नेता का नाम चल रहा था, लेकिन इस बीच बीते चार अप्रैल को कांग्रेस में शामिल बालकृष्ण ने इस्तीफा देकर बसपा ज्वाइन कर लिया। फिर बसपा ने घोसी से प्रत्याशी बना दिया है। सोमवार को नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित प्लाजा में बसपा के जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में इसकी बकायदा घोषणा की। बसपा कोऑर्डिनेटर घनश्याम चंद खरवार ने यह एलान किया। प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान ने कहा कि मैंने भले ही कुछ समय के लिए बसपा छोड़ दी थी, लेकिन बसपा में मेरी आत्मा हमेशा रही है। ऐसे में एक बार फिर मैने पार्टी में वापसी की। पार्टी ने भरोसा जताया तो इसके लिए मैं आभारी हूं। मैं बसपा की नीतियों को घर-घर जाकर जनता को बताने के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त करूंगा।
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भाजपा छोड़ तीनों दलों में रह चुके है बालकृष्ण
बालकृष्ण चौहान घोसी में कभी बसपा का बड़ा चेहरा हुआ करते थे । 1999 में वह पहली बार घोसी से सांसद बने, मगर 2004 में वह सपा के चंद्रदेव प्रसाद राजभर से चुनाव हार गये । 2009 में उन्हें बसपा से टिकट मिलने की चर्चा थी, मगर दारा सिंह चौहान को टिकट मिल गया। 2012 में बसपा से सपा में गये । 2014 में सपा से उनके नाम की चर्चा थी, मगर एक बार फिर टिकट कट गया। सपा ने राजीव राय को प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद उन्होंने 2018 में सपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया। जहां फिर में वह बाद में कांग्रेस की सदस्यता ले ली, लेकिन बीते चार अप्रैल को उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस छोड़कर अपनी पहली पार्टी बसपा का दामन थाम लिए।
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चार को मिलेगा घोसी को अपना नया सांसद
घोसी सीट का सांसद कौन होगा, यह तो 4 जून को मतगणना के बाद ही तय होगा। लेकिन सोमवार को बसपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद इस सीट से तीनों प्रमुख पार्टी के प्रत्याशियों की पिक्चर साफ हो गई। बसपा से बालकृष्ण के प्रत्याशी बनने से चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। जहां सपा के राजीव राय को एक बार तो बालकृष्ण को दो बार चुनाव लड़ने का अनुभव है। वहीं इस मामले में भाजपा के गठबंधन प्रत्याशी को पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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घोसी पर सबसे पहले भाजपा ने एनडीए गठबंधन सुभासपा के अरविंद राजभर को प्रत्याशी घोषित किया था, उसके कुछ दिन बाद सपा ने राजीव राय को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। उधर दोनों मुख्य राजनैतिक दलों की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से बसपा प्रत्याशी के तौर पर पार्टी के मुसलमान समुदाय से एक नेता का नाम चल रहा था, लेकिन इस बीच बीते चार अप्रैल को कांग्रेस में शामिल बालकृष्ण ने इस्तीफा देकर बसपा ज्वाइन कर लिया। फिर बसपा ने घोसी से प्रत्याशी बना दिया है। सोमवार को नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित प्लाजा में बसपा के जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में इसकी बकायदा घोषणा की। बसपा कोऑर्डिनेटर घनश्याम चंद खरवार ने यह एलान किया। प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान ने कहा कि मैंने भले ही कुछ समय के लिए बसपा छोड़ दी थी, लेकिन बसपा में मेरी आत्मा हमेशा रही है। ऐसे में एक बार फिर मैने पार्टी में वापसी की। पार्टी ने भरोसा जताया तो इसके लिए मैं आभारी हूं। मैं बसपा की नीतियों को घर-घर जाकर जनता को बताने के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त करूंगा।
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भाजपा छोड़ तीनों दलों में रह चुके है बालकृष्ण
बालकृष्ण चौहान घोसी में कभी बसपा का बड़ा चेहरा हुआ करते थे । 1999 में वह पहली बार घोसी से सांसद बने, मगर 2004 में वह सपा के चंद्रदेव प्रसाद राजभर से चुनाव हार गये । 2009 में उन्हें बसपा से टिकट मिलने की चर्चा थी, मगर दारा सिंह चौहान को टिकट मिल गया। 2012 में बसपा से सपा में गये । 2014 में सपा से उनके नाम की चर्चा थी, मगर एक बार फिर टिकट कट गया। सपा ने राजीव राय को प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद उन्होंने 2018 में सपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया। जहां फिर में वह बाद में कांग्रेस की सदस्यता ले ली, लेकिन बीते चार अप्रैल को उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस छोड़कर अपनी पहली पार्टी बसपा का दामन थाम लिए।
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चार को मिलेगा घोसी को अपना नया सांसद
घोसी सीट का सांसद कौन होगा, यह तो 4 जून को मतगणना के बाद ही तय होगा। लेकिन सोमवार को बसपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद इस सीट से तीनों प्रमुख पार्टी के प्रत्याशियों की पिक्चर साफ हो गई। बसपा से बालकृष्ण के प्रत्याशी बनने से चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। जहां सपा के राजीव राय को एक बार तो बालकृष्ण को दो बार चुनाव लड़ने का अनुभव है। वहीं इस मामले में भाजपा के गठबंधन प्रत्याशी को पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।