{"_id":"16fed07f6527ed59e4c4ed985b88d8ea","slug":"boycott-of-assessment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से मूल्यांकन कार्य बहिष्कार जारी रहने से कापियों का बंडल नहीं खुला। कुछ परीक्षक आए तो जरूर, लेकिन सिर्फ हाजिरी लगाकर चले गए।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। नगर में दो तथा मधुबन, मुहम्मदाबादगोहना में एक-एक बनाए गए हैं। बोर्ड की ओर से कापी जांचने का 30 मार्च से 15 अप्रैल तक शेड्यूल जारी किया गया था।
इसके लिए 2167 परीक्षकों तथा 228 डिप्टी हेड की तैनाती की गई है। शिक्षकों के मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के चलते बोर्ड की कार्ययोजना पर असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन
वित्तविहीन शिक्षक संघ ने पहले से ही मूल्यांकन कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी था, इसके बाद इसमें विभिन्न शिक्षक संगठन भी शामिल हो गए।
दूसरे दिन भी मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहने से कापी जांचने परीक्षक नहीं पहुंचे। इस संबंध में नोमानी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उस्मान अली ने बताया कि अब तक दो लाख उत्तर पुस्तिकाएं आ चुकी हैं।
शिक्षक संगठनों के मूल्यांकन कार्य की घोषणा के चलते कुछ परीक्षक तो आए लेकिन हाजिरी लगाकर चले गए। टाउन इंटर कालेज मुहम्मदाबाद गोहना के प्रधानाचार्य ने बताया कि हाईस्कूल की 117000 उत्तर पुस्तिकाएं आ गई हैं।
परीक्षकों के न आने से मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। विशेषज्ञों की मानें तो निर्धारित शेड्यूल के अंदर मूल्यांकन कार्य पूरा न होने पर परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है। वहीं एक अप्रैल से शुरू होने वाला नया शिक्षा सत्र खटाई में पड़ सकता है।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। नगर में दो तथा मधुबन, मुहम्मदाबादगोहना में एक-एक बनाए गए हैं। बोर्ड की ओर से कापी जांचने का 30 मार्च से 15 अप्रैल तक शेड्यूल जारी किया गया था।
विज्ञापन
इसके लिए 2167 परीक्षकों तथा 228 डिप्टी हेड की तैनाती की गई है। शिक्षकों के मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के चलते बोर्ड की कार्ययोजना पर असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन
वित्तविहीन शिक्षक संघ ने पहले से ही मूल्यांकन कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी था, इसके बाद इसमें विभिन्न शिक्षक संगठन भी शामिल हो गए।
दूसरे दिन भी मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहने से कापी जांचने परीक्षक नहीं पहुंचे। इस संबंध में नोमानी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उस्मान अली ने बताया कि अब तक दो लाख उत्तर पुस्तिकाएं आ चुकी हैं।
शिक्षक संगठनों के मूल्यांकन कार्य की घोषणा के चलते कुछ परीक्षक तो आए लेकिन हाजिरी लगाकर चले गए। टाउन इंटर कालेज मुहम्मदाबाद गोहना के प्रधानाचार्य ने बताया कि हाईस्कूल की 117000 उत्तर पुस्तिकाएं आ गई हैं।
परीक्षकों के न आने से मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। विशेषज्ञों की मानें तो निर्धारित शेड्यूल के अंदर मूल्यांकन कार्य पूरा न होने पर परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है। वहीं एक अप्रैल से शुरू होने वाला नया शिक्षा सत्र खटाई में पड़ सकता है।