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ममता बनर्जी का पुतला फूंका
mau
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:39 PM IST
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नगर के आजमगढ़ तिराहे पर रविवार को पश्चिम बंगाल की सीएम का पुतला फूंकते एबीवीपी कार्यकर्ता।
- फोटो : mau
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल में बंगाली शिक्षकों के स्थान पर उर्दू शिक्षकों की भर्ती के विरोध में रविवार को नगर के आजमगढ़ मोड़ पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पश्चिम बंगाल में बंगला भाषियों की उपेक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बंगाली शिक्षकों के स्थान पर उर्दू शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।
मुख्यमंत्री की नीतियों का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर गत 21 सितंबर को पश्चिम बंगाल के बसीरहर शहर में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गोली चलवा दी गई। घटना मेेें दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। घटना की जितनी निंदा की जाए कम ही है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार द्वारा कार्यकर्ताओं कीआवाज को दबाने के लिए नापाक कार्रवाई की गई है।
कार्यकर्ता चुप बैठने वाले नही हैं। मृतक कार्यकर्ताओं के परिवारजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही सरकारी नौकरी दिया जाए। पुतला फूंकने वालों में ओमकार सिंह, राहुल गुप्त, विशाल वर्मा, आनंद सिंह, सौरभ सिंह, स्वराज सिंह, वेदप्रकाश पांडेय, मोनू यादव आदि शामिल रहे।
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मुख्यमंत्री की नीतियों का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर गत 21 सितंबर को पश्चिम बंगाल के बसीरहर शहर में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गोली चलवा दी गई। घटना मेेें दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। घटना की जितनी निंदा की जाए कम ही है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार द्वारा कार्यकर्ताओं कीआवाज को दबाने के लिए नापाक कार्रवाई की गई है।
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कार्यकर्ता चुप बैठने वाले नही हैं। मृतक कार्यकर्ताओं के परिवारजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही सरकारी नौकरी दिया जाए। पुतला फूंकने वालों में ओमकार सिंह, राहुल गुप्त, विशाल वर्मा, आनंद सिंह, सौरभ सिंह, स्वराज सिंह, वेदप्रकाश पांडेय, मोनू यादव आदि शामिल रहे।
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