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दहेज उत्पीड़न सहित दो मामलों में जमानत हुई खारिज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 07 Nov 2015 12:06 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध सिंह ने दहेज उत्पीड़न व जालसाजी के मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी कपिलदेव राय के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
पहले मामले के अनुसार वादी मुकदमा हसमतुन्निशा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में आरोपी बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के नरहनी गांव निवासी शकील अख्तर पुत्र नियाज अहमद की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई।
अर्जी पर बचाव पक्ष और अभियोजन के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
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वादी मुकदमा सुधीर कुमार सिंह से नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपया हड़प लेने के मामले में आरोपी गाजीपुर जिले के सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के अलापचक निवासी रामानंद पुत्र महातिम राम की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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पहले मामले के अनुसार वादी मुकदमा हसमतुन्निशा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में आरोपी बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के नरहनी गांव निवासी शकील अख्तर पुत्र नियाज अहमद की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई।
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अर्जी पर बचाव पक्ष और अभियोजन के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
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वादी मुकदमा सुधीर कुमार सिंह से नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपया हड़प लेने के मामले में आरोपी गाजीपुर जिले के सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के अलापचक निवासी रामानंद पुत्र महातिम राम की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।