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प्रदेश की रैकिंग में पिछड़ा जनपद, सरकारी स्कूल पीछे

Sat, 27 Jun 2020 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 11:33 PM IST
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Backward district in state ranking, government school behind
मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट की परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना मेें प्रदेश की रैकिंग में पिछड़ गया। जिले के टापटेन में निजी स्कूलों के छात्र छात्राओं का दबदबा रहा। जबकि सरकारी विद्यालयों के गिने चुने छात्र छात्राएं ही जगह बना पाए। बताया जा रहा है कि शासन के फरमान जिला प्रशासन की तरफ से नकलविहीन परीक्षा को सफल बनाने के लिए सख्ती बरतने से रैकिंग निचले पायदान पर पहुंची है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि परीक्षा परिणाम की समीक्षा की जा रही है। सरकारी कालेजों के प्रधानाचार्यो से जवाब मांगा गया है।
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इस बार भी शिक्षा क्षेत्र में अव्वल रहा मधुबन तहसील
मधुबन। जिला का मधुबन तहसील क्षेत्र जो विकास के मामले में भले ही पिछले पायदान पर हो, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में अग्रणीय स्थान बनाए हुए हैं। शिक्षा विभाग तथा प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी मधुबन क्षेत्र शिक्षा जगत में मेरिट लिस्ट में स्थान बनाए हुए है।कई वर्षों से यहां के छात्र छात्राएं प्रदेश व जिले में स्थान बनाने में सफल रहते हैं । इसका प्रमाण यह है कि हाई स्कूल में जिले के टाप टेन सूची में बीपीएस पब्लिक स्कूल के पांच तो संत कबीर इंटर कॉलेज चचाईपार के पांच बच्चों ने कब्जा जमाया हैं।
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इसी क्रम में हरिवंश मल्ल मेमोरियल इंटर कालेज पांती रोड की सोनम मद्धेशिया ने 90.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिलें में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं संत कबीर चचाईपार की नंदनी यादव ने 93.17 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे जिले में टापटेन में मधुबन की क्रांतिकारी गौरवशाली परंपरा को कायम किया है। गत वर्ष भी हाई स्कूल की परीक्षा में प्रदेश की टॉप टेन की सूची में क्षेत्र की हर्षिता सिंह व ईशा यादव ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर स्थान बनाया था। घाघरा नदी का किनारा होने के साथ बलिया देवरिया जिले का बॉर्डर क्षेत्र से लगा हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा लेने में सक्षम नहीं हो पाती हैं।
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