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मऊ में भी मिली अनामिका: ममता राय के नाम पर कर रही थी नौकरी
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मऊ। कासगंज और गोंडा की तर्ज पर आखिरकार मऊ में भी अनामिका मिल ही गई। ममता राय के नाम से जिले के रतनपुरा ब्लाक के मुबारकपुर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में नौकरी कर रही इस शिक्षिका का खुलासा, एक सप्ताह पूर्व तब हुई जब किसी ने गुप्त तरीके से इसकी शिकायत बीएसए से किया। जांच के दौरान पता चला कि शिक्षिका का असली नाम रंभा पांडेय है। जैसे ही बीएसए ने उसको नोटिस जारी किया, आरोपी शिक्षिका फरार हो गई। इस दौरान उसकी सेवा समाप्त कर बीएसए ओपी त्रिपाठी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र रतनपुरा ब्लाक भेजा।
रतनपुरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में ममता राय के नाम से नौकरी करने वाली रंभा पांडेय मूलरुप से बलिया जिले के पांडेयपुर, बांदा गांव की रहने वाली है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी पांडेय की मानें तो सात जून 2020 को किसी ने जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को शिकायत किया, कि रतनपुरा ब्लाक के मुबारकपुर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ममता राय असल में दूसरे के नाम पर नौकरी कर रही है।
शिक्षिका असली नाम रंभा पांडेय है। वह मूलरुप से बलिया जिले के पांडेयपुरा बाछापुर गांव की रहने वाली है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने जांच शुरु की। इस दौरान बीएसए ने टीम पांडेयपुरा गांव भेजा। वहां के प्रधान ने फोटो देखकर तस्दीक किया कि यह ममता राय ने बल्कि रंभा पांडेय है। प्रधान के अनुसार उनके गांव में कोई राय परिवार रहता ही नहीं।
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इस पर बीएसए ने रंभा उर्फ ममता को नोटिस जारी कर उन्हे अपना पक्ष रखने को कहा। इस दौरान रंभा उर्फ ममता राय फरार हो गई। इंतेजार करने के बाद जब ममता राय नहीं आई तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डीएम को सूचना दिया, साथ ही बर्खास्त कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर हलधरपुर थाने पर भेजा। बात करने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि रंभा पांडेय पुत्री विश्वनाथ पांडेय वर्ष 2000 में फर्जीवाड़ा कर ममता राय पुत्री भगवान राय के नाम पर वर्ष 2000 में महराजगंज जिले से शिक्षिका के पद पर भर्ती हुई।
इसके बाद वर्ष 2011 में वह स्थानांतरित होकर मऊ आई। 2011 से पूर्व उसकी सर्विस बुक में कोई इंट्री नहीं मिली। वर्तमान में रंभा तथाकथित ममता राय की तैनाती रतनपुरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुबारकपुर में है। ओपी त्रिपाठी ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है।
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रतनपुरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में ममता राय के नाम से नौकरी करने वाली रंभा पांडेय मूलरुप से बलिया जिले के पांडेयपुर, बांदा गांव की रहने वाली है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी पांडेय की मानें तो सात जून 2020 को किसी ने जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को शिकायत किया, कि रतनपुरा ब्लाक के मुबारकपुर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ममता राय असल में दूसरे के नाम पर नौकरी कर रही है।
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शिक्षिका असली नाम रंभा पांडेय है। वह मूलरुप से बलिया जिले के पांडेयपुरा बाछापुर गांव की रहने वाली है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने जांच शुरु की। इस दौरान बीएसए ने टीम पांडेयपुरा गांव भेजा। वहां के प्रधान ने फोटो देखकर तस्दीक किया कि यह ममता राय ने बल्कि रंभा पांडेय है। प्रधान के अनुसार उनके गांव में कोई राय परिवार रहता ही नहीं।
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इस पर बीएसए ने रंभा उर्फ ममता को नोटिस जारी कर उन्हे अपना पक्ष रखने को कहा। इस दौरान रंभा उर्फ ममता राय फरार हो गई। इंतेजार करने के बाद जब ममता राय नहीं आई तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डीएम को सूचना दिया, साथ ही बर्खास्त कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर हलधरपुर थाने पर भेजा। बात करने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि रंभा पांडेय पुत्री विश्वनाथ पांडेय वर्ष 2000 में फर्जीवाड़ा कर ममता राय पुत्री भगवान राय के नाम पर वर्ष 2000 में महराजगंज जिले से शिक्षिका के पद पर भर्ती हुई।
इसके बाद वर्ष 2011 में वह स्थानांतरित होकर मऊ आई। 2011 से पूर्व उसकी सर्विस बुक में कोई इंट्री नहीं मिली। वर्तमान में रंभा तथाकथित ममता राय की तैनाती रतनपुरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुबारकपुर में है। ओपी त्रिपाठी ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है।