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Mau News: कछुए की रफ्तार से विकास की गाथा लिख रहे नगर के अमृत सरोवर

Tue, 14 Apr 2026 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:19 AM IST
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Amrit Sarovar of the city is writing the story of development at the speed of a tortoise.
नगर ​स्थित झीलमहल सरोवर में जमी काई।संवाद - फोटो : कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते ग्राम प्रधान।
नगर पालिका द्वारा नगर के अलग-अलग वार्डों में बने तालाबों के सुंदरीकरण की योजना तैयार किए हुए तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। काम एक साल में पूरे होने थे, इसमें आधी राशि भी खर्च हो चुकी है, लेकिन अब तक नगर के किसी भी तालाब का सुंदरीकरण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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अधिकांश तालाब सूखे पड़े हैं, तो कहीं गंदे नाले का पानी भरा है और कहीं गंदगी से पटा पानी जमा है। ऐसे में लोगों को आकर्षित करने के लिए तैयार की गई यह योजना अब नगरवासियों से दूरी बनाती दिख रही है।
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नगर पालिका ने नगर में नौ तालाबों के सुंदरीकरण की योजना वर्ष 2022 में बनाई थी। नगर पालिका ने इन सभी तालाबों के सुंदरीकरण के लिए 517.84 लाख रुपये का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन से स्वीकृति भी प्राप्त की थी।
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इसमें बरपुर मुहल्ले में दो तालाबों का सुंदरीकरण 33.61 लाख तथा 63.24 लाख रुपये से होना था। इसी क्रम में रामपुर चकिया में 51.18 लाख, भटकुंआ पट्टी में 68.31 लाख, जबकि प्रेमनगर चकिया में 35.98 लाख रुपये से कार्य प्रस्तावित था।
इसी तरह चकमेहदी में 74.90 लाख, चंडीसागर में 100.11 लाख रुपये तथा सहादतपुरा में 40.51 लाख रुपये की लागत से सुंदरीकरण का कार्य शामिल था।
तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक कोई भी तालाब या पार्क शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है। बरपुर में एक तरफ का पाथवे बना है, जबकि चकमेहदी में अब तक केवल सीढ़ियां ही बनाई गई हैं।
स्थानीय निवासी अभय सिंह, पंकज कुमार, रमेश चौहान, दिनेश वर्मा आदि ने कहा कि तालाबों के नाम पर यह राशि आई है, लेकिन काम कागजों पर ही पूरा होता दिख रहा है। योजना आने पर उम्मीद जगी थी कि मुहल्ले में टहलने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा, लेकिन अब तक कार्य पूरा न होने से उम्मीद खत्म होती दिख रही है।
वहीं, इस बाबत ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य जारी है। किस्तों में राशि जारी होने के कारण गति में कुछ सुस्ती है, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा काम किया जा रहा है।

नाले के पानी से पटा तालाब, दुर्गंध से बढ़ी परेशानी
वार्ड 12 निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले स्थित तालाब को बीते वर्ष अमृत सरोवर योजना में शामिल करते हुए इसके सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ 77 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें अब तक केवल तालाब के चारों तरफ ईंट से बाउंड्री बनाई गई है। पहली किस्त के रूप में इसके लिए 60 लाख रुपये आवंटित हुए थे। वर्तमान में इस तालाब में कई मुहल्लों का गंदा पानी गिराया जा रहा है। तालाब का सुंदरीकरण तो नहीं हो सका, लेकिन नाले का गंदा पानी यहां डंप होने से यह क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। यही स्थिति निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में डेढ़ एकड़ में स्थित तालाब बेस्ड थीम पार्क की है। वर्ष 2018 से बन रहे इस पार्क के लिए बीते माह एक करोड़ 86 लाख रुपये की राशि दोबारा आवंटित की गई है। इससे पहले भी इस पार्क के लिए दो बार बजट मिल चुका है, बावजूद इसके सात वर्ष बाद भी पार्क महज 20 प्रतिशत ही बनकर तैयार हुआ है।


टहलने की सुविधा के साथ बनना है पार्क
अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब की खुदाई के साथ आउटलेट, पानी निकासी, सिल्ट चेंबर, पाथवे, इंटरलॉकिंग, बेंच, बाड़ पिलर, गेट, सोलर लाइट और पौधरोपण कराया जाना है। इसके अलावा तालाब के आसपास झूले भी लगाए जाने हैं, जिससे बच्चे इसका आनंद उठा सकें।
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