{"_id":"640fafd454455cf5897dfbf8a6d02522","slug":"after-the-death-of-the-farmer-administration-woke-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की मौत के बाद जागा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान की मौत के बाद जागा प्रशासन
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Fri, 10 Apr 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील क्षेत्र के सिगाड़ी गांव में बर्बाद फसल के सदमे से किसान की मौत की घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा है। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को जनपद के आला अधिकारी गांव में पहुंचे और किसान की मौत के बारे में जानकारी प्राप्त की। क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ पासवान ने भी मरने वाले किसान के घर जाकर संवेदना जताई साथ ही शासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि दिलाये जाने का भरोसा दिया।
तहसील क्षेत्र के सिगाड़ी गांव निवासी किसान झब्बर गुरुवार को गांव में गेहूं की फसल की कटाई के लिए खेत में गए तो बारिश से बर्बाद हुई फसल को देखकर सदमा लग गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद वहां मौजूद लोग उसे घर लाए लेकिन घर पर ही झब्बर की मौत हो गई।
किसान की मौत की खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को तहसीलदार, एसडीएम, अपर जिलाधिकारी के आलावा जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय भी गांव में पहुंचकर किसान की मौत के बारे में जानकारी प्राप्त किया।
विज्ञापन
मृतक के पुत्र बालचंद ने जिलाधिकारी को बताया कि घर में दो शादियां प्रस्तावित हैं जिसको लेकर उसके पिता पहले से ही परेशान थे। गुरूवार को जब वह कटाई के लिये खेत में पहुचे तो गेहूं की बाली को मलकर देखा तो पूरी बाली में नाम मात्र का गेहूं बीज देखकर उन्हें सीने में दर्द होने लगा।
जब तक उन्हें घर वापस लाया जाता उनकी मौत हो गयी। घटना के बाद तहसील प्रशासन ने मृतक किसान के घर जाकर खतौनी, कुटुंम्ब रजिस्टर व परिवार के सदस्यों का विवरण नोट किया।
इस बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार अमसाल अहमद ने किसान को मौत को स्वाभाविक मृत्यु बताया। क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ पासवान ने भी गांव में जाकर मृतक किसान के परिवार को ढांढस बंधाया और शासन से मदद दिलाये जाने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के सिगाड़ी गांव निवासी किसान झब्बर गुरुवार को गांव में गेहूं की फसल की कटाई के लिए खेत में गए तो बारिश से बर्बाद हुई फसल को देखकर सदमा लग गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद वहां मौजूद लोग उसे घर लाए लेकिन घर पर ही झब्बर की मौत हो गई।
विज्ञापन
किसान की मौत की खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को तहसीलदार, एसडीएम, अपर जिलाधिकारी के आलावा जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय भी गांव में पहुंचकर किसान की मौत के बारे में जानकारी प्राप्त किया।
विज्ञापन
मृतक के पुत्र बालचंद ने जिलाधिकारी को बताया कि घर में दो शादियां प्रस्तावित हैं जिसको लेकर उसके पिता पहले से ही परेशान थे। गुरूवार को जब वह कटाई के लिये खेत में पहुचे तो गेहूं की बाली को मलकर देखा तो पूरी बाली में नाम मात्र का गेहूं बीज देखकर उन्हें सीने में दर्द होने लगा।
जब तक उन्हें घर वापस लाया जाता उनकी मौत हो गयी। घटना के बाद तहसील प्रशासन ने मृतक किसान के घर जाकर खतौनी, कुटुंम्ब रजिस्टर व परिवार के सदस्यों का विवरण नोट किया।
इस बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार अमसाल अहमद ने किसान को मौत को स्वाभाविक मृत्यु बताया। क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ पासवान ने भी गांव में जाकर मृतक किसान के परिवार को ढांढस बंधाया और शासन से मदद दिलाये जाने का भरोसा दिलाया।