{"_id":"67c9efbb0d610e2c6d0fe6a4","slug":"after-seven-years-290-shops-including-liquor-shops-were-allotted-through-e-lottery-21-crore-revenue-was-received-mau-news-c-295-1-mau1001-124981-2025-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सात साल बाद ई-लॉटरी से शराब सहित 290 दुकानें आवंटित, 21 करोड़ मिला राजस्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सात साल बाद ई-लॉटरी से शराब सहित 290 दुकानें आवंटित, 21 करोड़ मिला राजस्व
विज्ञापन
मऊ। कलेक्ट्रेट परिसर में जनपद के नामित पर्यवेक्षक मंडलायुक्त विवेक, जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र, पुलिस अधीक्षक इलमारन जी के समक्ष ई लॉटरी से 290 दुकानें का आवंटन की गई। करीब सात साल बाद दुकानों का आवंटन किया गया।
काफी समय के बाद आवेदन करने वाले कईयों के हाथ मायूसी आई तो कई झूम उठे। इस दरम्यान केवल आवेदन प्रक्रिया से विभाग को 21 करोड़ का राजस्व मिला, जो कि 2002 से शुरू हुई लाटरी प्रक्रिया का अब तक एक अलग रिकॉर्ड है।
डीएम ने सभी अवंटियों को बधाई देते हुए शुचिता पूर्वक मदिरा के वितरण व विक्रय पर जोर दिया। सख्त निर्देश दिया कि शराब में मिलावट व ओवररेटिंग से बचें। जिला आबकारी अधिकारी मुहम्मद असलम ने बताया जिले में 153 देसी शराब की दुकानें हैं, जबकि कंपोजिट दुकान, जिसमें विदेशी शराब एवं बियर की बिक्री होगी, उनकी कुल संख्या 117 है।
विज्ञापन
वहीं 6 मॉडल शॉप दुकानों का भी आवंटन ई लॉटरी से हुआ। इसके अलावा जनपद में भांग की 14 दुकानों का भी आवंटन ई लॉटरी के माध्यम से किया गया। बताया कि इससे पहले 4195 आवेदन आए थे, इसमें 21 करोड़ 16 लाख 25 हजार का राजस्व मिला है। इसमें सबसे जायदा आवेदन देसी शराब की दुकान राम नगर चकिया के 54 का रहा। इसके बाद सरर्वा में देशी शराब की दुकान के 48 आवेदन मिले थे। जबकि कमोजित दोहरीघाट बस स्टेंड के लिए 52 आवेदन आए थे। वहीं माडल शॉप घोसी के लिए 15 आवेदन मिले थे।
उन्होंने बताया कि 2018 में इसके पूर्व लॉटरी से दुकानें चयनित की गई थी। करीब सात साल बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई। इससे पहले इनके द्वारा आवेदकों को रैंडमाइजेशन और सिमुलेशन की प्रक्रिया को विधवत समझाया। विश्वास दिलवाया गया कि लॉटरी की पूरी प्रक्रिया स्वच्छ व पारदर्शी तरीके से पूरी प्रक्रिया को बड़े एलईडी स्क्रीन के साथ ही साथ कई बड़ी टीवी स्क्रीनों पर भी दिखाया गया।
विज्ञापन
काफी समय के बाद आवेदन करने वाले कईयों के हाथ मायूसी आई तो कई झूम उठे। इस दरम्यान केवल आवेदन प्रक्रिया से विभाग को 21 करोड़ का राजस्व मिला, जो कि 2002 से शुरू हुई लाटरी प्रक्रिया का अब तक एक अलग रिकॉर्ड है।
विज्ञापन
डीएम ने सभी अवंटियों को बधाई देते हुए शुचिता पूर्वक मदिरा के वितरण व विक्रय पर जोर दिया। सख्त निर्देश दिया कि शराब में मिलावट व ओवररेटिंग से बचें। जिला आबकारी अधिकारी मुहम्मद असलम ने बताया जिले में 153 देसी शराब की दुकानें हैं, जबकि कंपोजिट दुकान, जिसमें विदेशी शराब एवं बियर की बिक्री होगी, उनकी कुल संख्या 117 है।
विज्ञापन
वहीं 6 मॉडल शॉप दुकानों का भी आवंटन ई लॉटरी से हुआ। इसके अलावा जनपद में भांग की 14 दुकानों का भी आवंटन ई लॉटरी के माध्यम से किया गया। बताया कि इससे पहले 4195 आवेदन आए थे, इसमें 21 करोड़ 16 लाख 25 हजार का राजस्व मिला है। इसमें सबसे जायदा आवेदन देसी शराब की दुकान राम नगर चकिया के 54 का रहा। इसके बाद सरर्वा में देशी शराब की दुकान के 48 आवेदन मिले थे। जबकि कमोजित दोहरीघाट बस स्टेंड के लिए 52 आवेदन आए थे। वहीं माडल शॉप घोसी के लिए 15 आवेदन मिले थे।
उन्होंने बताया कि 2018 में इसके पूर्व लॉटरी से दुकानें चयनित की गई थी। करीब सात साल बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई। इससे पहले इनके द्वारा आवेदकों को रैंडमाइजेशन और सिमुलेशन की प्रक्रिया को विधवत समझाया। विश्वास दिलवाया गया कि लॉटरी की पूरी प्रक्रिया स्वच्छ व पारदर्शी तरीके से पूरी प्रक्रिया को बड़े एलईडी स्क्रीन के साथ ही साथ कई बड़ी टीवी स्क्रीनों पर भी दिखाया गया।