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Mau News: 15 दिन बाद मऊ से गुजरीं 11 जोड़ी ट्रेनें, 9.5 हजार लोगों ने की यात्रा

Mon, 07 Oct 2024 02:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2024 02:08 AM IST
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After 15 days, 11 pairs of trains passed through Mau, 9.5 thousand people travelled
मऊ रेलवे स्टेशन से आजमगढ़-शाहगंज-जौनपुर होकर महानगरों को जाने वाली 11 जोड़ी ट्रेनों का संचालन रविवार से उनके स्थायी रूट पर शुरू हो गया। पहले दिन शाम को पांच बजे तक ही मऊ जंक्शन से 9.5 हजार लोगों ने सफर किया।
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बाराबंकी-अयोध्या कैंट-अकबरपुर-जाफराबाद रेलखंड पर खोरासन रोड से शाहगंज रेलवे स्टेशन के बीच 21.6 किमी रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य चल रहा था। इसके चलते 21 सितंबर से पांच अक्तूबर तक इस रूट से लखनऊ होकर महानगरों को जाने वाली 11 जोड़ी ट्रेनों को डायवर्ट करके भटनी-गोरखपुर-बस्ती-बहराइच-गोंडा होते हुए लखनऊ चलाया जा रहा था। वहीं बलिया से चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को मऊ से बलिया तक चलाया जा रहा था। ये सभी बिहार, बलिया और गोरखपुर से चलने वाली ट्रेनें हैं। काम पूरा होने के बाद शुक्रवार और शनिवार को रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने रेलखंड का निरीक्षण किया। पुन: इस रूट पर ट्रेनों के चलने से यात्रियों को काफी राहत मिली है। इस पहले डायवर्ट होने से ये सभी ट्रेनें चार से पांच घंटे लेट चल रही थीं, साथ ही नए रूट पर चलने से ये ट्रेनें लखनऊ तक खाली ही जाती थीं। 21 सितंबर से ही मऊ जंक्शन और मुहम्मदाबाद गोहना से सफर शुरू करने वाले यात्रियों ने आरक्षण टिकट लौटाना शुरू कर दिया था। केवल मऊ जंक्शन की आरक्षण खिड़की पर 22 से 24 सितंबर तक 1,37,505 रुपये का 274 टिकट वापस हुआ था। रविवार को इस रूट पर आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस, सरयू-यमुना एक्सप्रेस, अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस, वडोदरा स्पेशल सुपरफास्ट एक्सप्रेस, उत्सर्ग एक्सप्रेस, दरभंगा साबरमती एक्सप्रेस, मऊ स्पेशल सुपरफास्ट एक्सप्रेस, मऊ स्पेशल फेयर चली। रविवार की सुबह 10.30 बजे आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस में बैठे तरुण पांडेय, दिनेश कुमार, हरेंद्र जायसवाल ने बताया कि इलाज के लिए लखनऊ आना जाना लगा रहता है। 15 दिन बाद इस ट्रेन के चलने से काफी सहूलियत है। आरक्षण खिड़की पर टिकट ले रहे पंकज, हिमेश अहमद, श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि लखनऊ से होकर जाने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्ट होने से गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था।
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