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Mau News: फोटो भेजकर पहचानने के लिए कहकर खाली कर रहे खाते, होली पर पांच लोग बने शिकार

Sun, 08 Mar 2026 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:35 AM IST
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Accounts are being emptied by asking people to identify them by sending photos; five people became victims on Holi.
बढ़ते ऑनलाइन लेनदेन के दौर में साइबर अपराधियों के लिए ठगी के नए रास्ते खुलते जा रहे हैं। साइबर ठगों ने नया तरीका ‘फोटो क्लेम स्कैम’ शुरू किया है। इसके तहत ठग सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क कर एक फोटो भेजते हैं और उसकी पहचान करने को कहते हैं।
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जैसे ही कोई व्यक्ति फोटो पर क्लिक करता है, अनजाने में उसके मोबाइल में एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद मोबाइल हैक हो जाता है और ठग फोन की जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। होली पर पांच लोगों से करीब आठ लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है।
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दो महीने में इस तरह से ठगी के 15 मामले आ चुके हैं। साइबर क्राइम थाने में तैनात कॉस्टेबल शैलेंद्र कन्नौजिया ने बताया कि जिले में बीते वर्ष 2025 से अब तक 150 से अधिक लोग एपीके फाइल डाउनलोड होने से ठगी का शिकार हो चुके हैं।
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साइबर थाने में आने वाली शिकायतों में हर तीसरी शिकायत एपीके फाइल को लेकर आ रही है। एसपी इलामारन जी ने बताया कि एपीके फाइलसे ठगी का साइबर ठगों ने नया तरीका शुरू किया है। इसका नाम है फोटो क्लेम स्कैम। इसमें ठग सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क करते हैं।
इसके बाद उन्हें एक फोटो भेजकर उसकी पहचान करने के लिए कहते हैं। लोग जैसे ही फोटो पर क्लिक करते हैं। अनजाने में एक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भी डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद फोन हैक हो जाता है।
ऐसे ही ट्रिक के पांच लोग इस होली के त्योहार में शिकार हुए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी से इसमें केवल दो ने साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत की है। दो महीने में इस तरह से ठगी के 15 मामले आ चुके हैं।
एपीके फाइल पीड़ित के फोन में कई अनुमतियां हासिल कर लेती है। इसमें यूपीआई और बैंक एप्लीकेशन जैसी महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी शामिल हैं। इन अनुमतियों के माध्यम से ठग पीड़ित के बैंक खाते खाली कर देते हैं। लेन-देन के एसएमएस की सूचनाएं भी पीड़ित को नहीं मिलती हैं।
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बदनामी के डर से लोग नहीं करते हैं शिकायत
एसपी इलामारन जी ने बताया कि साइबर ठगी के बाद कई लोग डर जाते है इसमें सबसे बड़ा डर बदनामी का होता है। होली में फोटो स्कैम के मामले की पुलिस को पांच मौखिक शिकायतें मिलीं लेकिन लिखित में दो पीड़ितों ने प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया के जरिये खासकर छात्राओं से दोस्ती करते हैं। इसके बाद उनकी फोटो हासिल कर उससे छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं। बदनामी के डर से छात्राएं ठगों को रकम भेज देती हैं। ऐसी परिस्थिति में छात्राओं को डरने के बजाय पुलिस से शिकायत करनी चाहिए।

इन सावधानियों से बच सकते हैं साइबर ठगी से
-अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
-किसी को भी अपनी निजी फोटो या वीडियो न भेजें।
-किसी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।
-सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
-अनजान नंबर से आई एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
-फोन या ऑनलाइन किसी को बैंक खाता, ओटीपी या पासवर्ड की जानकारी न दें।

यहां करें शिकायत
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। पीड़ित www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन भी शिकायत कर सकता है। साथ ही नजदीकी साइबर थाना या पुलिस थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दें। इसके अलावा अपने बैंक को तुरंत सूचना देकर खाते के लेन-देन को रुकवाने की कोशिश करें।

व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का विकल्प बंद रखें
फाइल और फोटो डाउनलोड होने से बचने के लिए व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज एंड डाटा विकल्प पर क्लिक करें। यहां मीडिया ऑटो डाउनलोड सेक्शन में मोबाइल डेटा, वाई-फाई और रोमिंग के विकल्प मिलेंगे। इन पर क्लिक कर फोटो, ऑडियो, वीडियो और डॉक्यूमेंट के सामने लगे टिक को हटा दें और ओके कर दें।
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केस एक
नेता का फोन हैक कर कईयों के फोन कर दिया था हैक
सपा के एक युवा नेता भी एपीके फाइल से साइबर ठगी के शिकार बन गए थे। उनके फोन लिस्ट में शामिल 700 से अधिक नंबरों पर हैकर ने एपीके फाइल को शादी का निमंत्रण दिखाकर भेजा था। इस दौरान दो लोगों के खाते से 1 लाख से ज्यादा की राशि भी ठगों ने गायब कर दी थी।
केस दो
जिले के एक व्यापारी के फोन में गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। इसकी भनक उनको नहीं लग सकी। कई बाद उनके खाते से 5 लाख रुपये निकल गए। इसकी जानकारी उनको तब हुई जब बैंक खाते से सारे रुपये निकल चुके थे।
केस तीन
एक महिला के मोबाइल में दो मई को एक संदेश पढ़ने के दौरान एपीके फाइल डाउनलोड हो गई थी। जब तक उनको इसकी जानकारी हुई, तब तक साइबर जालसाजों ने उनके खाते से 2 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।


कोट
इन दिनों जालसाज एपीके फाइल के सहारे लोगों को मोबाइल हैक कर ठगी का शिकार बना रहे हैं। एपीके फाइल पीड़ित के फोन में कई अनुमतियां हासिल कर लेती है, जिसमें यूपीआई और बैंक एप्लीकेशन जैसी महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी शामिल हैं। इन अनुमतियों के बाद ठग पीड़ित के बैंक खाते खाली कर देते हैं। लेन-देन की एसएमएस से सूचनाएं भी नहीं मिलती हैं। ऐसी फाइल यदि मोबाइल में डाउनलोड हो जाए तो तत्काल साइबर थाने से संपर्क कर इसे निष्क्रिय कराएं। - इलामारन जी, एसपी मऊ
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