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Mau News: वनदेवी के जंगल में लगी आग, छह बीघे में लगे पेड़-पौधे जले
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वनदेवी जंगल में लगी आग से जलकर नष्ट हुए पौधे।संवाद
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कहिनौर स्थित मां वनदेवी धाम के जंगल में बीती शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से छह बीघे के क्षेत्रफल में स्थित पेड़-पौधे जलकर राख हो गए।
जंगल में आग से जंगली बबूल के पेड़, कंजी, डिठोहरी, पीपल, वन जलेबी, बबूल, सागौन, परास, चिलबिल आदि के पेड़-पौधे जल गए।
वनदेवी जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वनदेवी में तैनात वन दरोगा आमीर खान, वनगार्ड आशीष कश्यप, वनमाली नंदू, टीमल यादव, राघवेंद्र यादव, अशोक यादव, ओमप्रकाश चौहान आदि कर्मचारियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आशंका है कि जंगल में पशुओं को चराने वाले कुछ चरवाहों ने खर-पतवार में आग लगा दी थी, जिससे आग धीरे-धीरे वनदेवी जंगल की तरफ बढ़ गई।
इस संबंध में वनदेवी वन रेंज अधिकारी रेजर अरुण कुमार उपाध्याय का कहना है कि जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आग लगने की घटना में नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है।
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इनसेट...
नदी में पानी होने से खेतों की तरफ नहीं पहुंच सकी आग
पिपरीडीह। वनदेवी जंगल में जहां से आग लगी, ठीक उसके सटे लहरी नदी गुजरती है। लहरी नदी में पानी होने के कारण वनदेवी जंगल से सटे ताजपुर, उस्मानपुर मठिया, नखतपुर, कोर आदि गांवों के किसानों की गेहूं की खड़ी फसल तैयार थी। अगर हवा का रुख पूर्व दिशा की तरफ रहता तो कई बीघे गेहूं की फसल जल गई होती, लेकिन लहरी नदी में पानी होने से वनदेवी जंगल की आग खेतों की तरफ नहीं पहुंच सकी। संवाद
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जंगल में आग से जंगली बबूल के पेड़, कंजी, डिठोहरी, पीपल, वन जलेबी, बबूल, सागौन, परास, चिलबिल आदि के पेड़-पौधे जल गए।
वनदेवी जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वनदेवी में तैनात वन दरोगा आमीर खान, वनगार्ड आशीष कश्यप, वनमाली नंदू, टीमल यादव, राघवेंद्र यादव, अशोक यादव, ओमप्रकाश चौहान आदि कर्मचारियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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आशंका है कि जंगल में पशुओं को चराने वाले कुछ चरवाहों ने खर-पतवार में आग लगा दी थी, जिससे आग धीरे-धीरे वनदेवी जंगल की तरफ बढ़ गई।
इस संबंध में वनदेवी वन रेंज अधिकारी रेजर अरुण कुमार उपाध्याय का कहना है कि जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आग लगने की घटना में नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है।
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नदी में पानी होने से खेतों की तरफ नहीं पहुंच सकी आग
पिपरीडीह। वनदेवी जंगल में जहां से आग लगी, ठीक उसके सटे लहरी नदी गुजरती है। लहरी नदी में पानी होने के कारण वनदेवी जंगल से सटे ताजपुर, उस्मानपुर मठिया, नखतपुर, कोर आदि गांवों के किसानों की गेहूं की खड़ी फसल तैयार थी। अगर हवा का रुख पूर्व दिशा की तरफ रहता तो कई बीघे गेहूं की फसल जल गई होती, लेकिन लहरी नदी में पानी होने से वनदेवी जंगल की आग खेतों की तरफ नहीं पहुंच सकी। संवाद