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अधूरे सामुदायिक केंद्रों की शासन ने ली सुधि
Mau
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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मऊ। जिले के 45 गांवों में अधूरे सामुदायिक भवनों की शासन ने देर से ही सही सुधि ली है। अधूरे भवनों का निर्माण कराने से चार करोड़ से अधिक का बजट मिल चुका है। इन भवनों के निर्माण को लेकर न सिर्फ कार्यदायी संस्था सशंकित थी बल्कि ठेकेदार के साथ ही संबंधित गांव के लोग भी।
जिले में पूर्ववर्ती बसपा सरकार में डा. अंबेडकर सामुदायिक भवन के निर्माण के तहत जिले में 45 सामुदायिक भवन का निर्माण होना था। शासन की मंशा थी कि इन गांवों में सामुदायिक भवनों में शादी विवाह, ग्राम पंचायत की बैठकें सहित विभिन्न सार्वजनिक कार्य होंगे। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को ही सौंपी जानी थी। पूर्व की सरकार में शमशाबाद, पारा मुबारकपुर, कोटवा, एकडंगा, गालिबपुर, बस्ती, इसहाकपुर, खरकौली आदि गांवों में सामुदायिक भवन के लिए प्रथम किस्त के रूप में दो करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपये मिले थे। हर स्थानों पर कार्य भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन बाद में शासन से धन मिलने के चलते उनकी आदि नहीं लग पाई थी। इसके निर्माण में सात करेाड़ 69 लाख 50 की आवश्यकता थी। शासन ने देर से ही सही इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 59 लाख 90 हजार का धन स्वीकृत किया। जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह ने बताया कि अधूरे सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को धन जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनका निर्माण यथाशीघ्र हो और उसका लोगों को लाभ मिल सके।
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जिले में पूर्ववर्ती बसपा सरकार में डा. अंबेडकर सामुदायिक भवन के निर्माण के तहत जिले में 45 सामुदायिक भवन का निर्माण होना था। शासन की मंशा थी कि इन गांवों में सामुदायिक भवनों में शादी विवाह, ग्राम पंचायत की बैठकें सहित विभिन्न सार्वजनिक कार्य होंगे। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को ही सौंपी जानी थी। पूर्व की सरकार में शमशाबाद, पारा मुबारकपुर, कोटवा, एकडंगा, गालिबपुर, बस्ती, इसहाकपुर, खरकौली आदि गांवों में सामुदायिक भवन के लिए प्रथम किस्त के रूप में दो करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपये मिले थे। हर स्थानों पर कार्य भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन बाद में शासन से धन मिलने के चलते उनकी आदि नहीं लग पाई थी। इसके निर्माण में सात करेाड़ 69 लाख 50 की आवश्यकता थी। शासन ने देर से ही सही इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 59 लाख 90 हजार का धन स्वीकृत किया। जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह ने बताया कि अधूरे सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को धन जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनका निर्माण यथाशीघ्र हो और उसका लोगों को लाभ मिल सके।
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