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वलीदपुर में पेयजल की समस्या हुई गंभीर
Mau
Updated Fri, 23 May 2014 05:31 AM IST
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मुहम्मदाबाद गोहना। मऊ जनपद की सबसे बड़ी आबादी वाले गांवों में शुमार तहसील क्षेत्र का वलीदपुर गांव पेयजल समस्या से जूझ रहा है। लगभग तीस हजार आबादी वाले ग्राम पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया है, लेकिन अब सफे द हाथी बनकर रह गया है।
वलीदपुर ग्राम पंचायत की आबादी लगभग तीस हजार है। हिंदू और मुस्लिम की संयुक्त आबादी वाले इस ग्राम पंचायत में गर्मियों के दिनों में गंभीर पेयजल समस्या से जूझना पड़ता है। यहां पर सरकारी हैंडपंपों की संख्या भी काफी कम है। गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए लगभग 32 वर्ष जल निगम ने ओवरहेड टैंक और नलकूप का निर्माण कराया था। लेकिन धीरे धीरे यह ओवरहेड टैंक देखरेख के अभाव में किसी काम का नहीं रहा। मौजूदा समय में इस नलकूप से जलापूर्ति काफी दिनों से बंद है। शुद्ध पेयजल के अभाव में ग्रामीणों को छोटे हैंडपंप और निजी साधनों से पेयजल का इंतजाम करना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने के कारण गांव में डायरिया, कालरा आदि का खतरा हमेशा बना हुआ है। दो वर्ष पूर्व दूषित पेयजल पीने के कारण गांव में कालरा महामारी की तरह फैला हुआ था, जिसमें कई नौनिहालों की जान भी जा चुकी है। गांव के श्यामसुंदर गुप्ता, अजय कुमार, शम्सुद्दीन, अहमद, जमशेद के साथ ही ग्राम प्रधान संजय गुप्ता ने कहा कि काफी दिनों से ओवरहेड टैंक और नलकूप ठीक कराए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग समस्या के प्रति उदासीन है। सरकारी हैंडपंप भी काफी कम तादाद में लगे हैं, इससे गांव वालों की पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
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वलीदपुर ग्राम पंचायत की आबादी लगभग तीस हजार है। हिंदू और मुस्लिम की संयुक्त आबादी वाले इस ग्राम पंचायत में गर्मियों के दिनों में गंभीर पेयजल समस्या से जूझना पड़ता है। यहां पर सरकारी हैंडपंपों की संख्या भी काफी कम है। गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए लगभग 32 वर्ष जल निगम ने ओवरहेड टैंक और नलकूप का निर्माण कराया था। लेकिन धीरे धीरे यह ओवरहेड टैंक देखरेख के अभाव में किसी काम का नहीं रहा। मौजूदा समय में इस नलकूप से जलापूर्ति काफी दिनों से बंद है। शुद्ध पेयजल के अभाव में ग्रामीणों को छोटे हैंडपंप और निजी साधनों से पेयजल का इंतजाम करना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने के कारण गांव में डायरिया, कालरा आदि का खतरा हमेशा बना हुआ है। दो वर्ष पूर्व दूषित पेयजल पीने के कारण गांव में कालरा महामारी की तरह फैला हुआ था, जिसमें कई नौनिहालों की जान भी जा चुकी है। गांव के श्यामसुंदर गुप्ता, अजय कुमार, शम्सुद्दीन, अहमद, जमशेद के साथ ही ग्राम प्रधान संजय गुप्ता ने कहा कि काफी दिनों से ओवरहेड टैंक और नलकूप ठीक कराए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग समस्या के प्रति उदासीन है। सरकारी हैंडपंप भी काफी कम तादाद में लगे हैं, इससे गांव वालों की पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
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