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कहीं बूंदबांदी, कहीं हल्की बारिश, किसानों के खिले चेहरे
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गुरुवार को मौसम में बदलाव दिखा। अपराह्न बाद जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं बूंदबांदी तो कहीं हल्की बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। बारिश होने से ठंड बढ़ गई। कृषि विशेषज्ञ बारिश को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। ठंड बढ़ने के बाद भी अलाव जलवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।
गुरुवार को तड़के से ही आसमान में बादल छा गए। धूप नही निकली जबकि ठंडी हवाएं चलने से ठंड का अहसास होने लगा। अपराह्न लगभग दो बजे कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश होने के बाद ठंड बढ़ गई है। लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों से ढ़के रहे। अगेती गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई हो चुकी है। तीसरी सिंचाई चल रही है। हल्की बारिश होने के बाद मौसम परिवर्तन से किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखने लगी है। इस संबंध में नेफोर्ड के कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि तेज बारिश होने की स्थिति में गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। आलू की खुदाई नहीं हो पाई है। खेत में पानी लगने की स्थिति में नुकसान हो सकता है।
उधर बारिश के बाद ठंड बढ़ जाने के चलते लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों से ढ़के रहे। ठंड में इजाफा होने के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका था। इसके चलते शाम को कांपते देखे गए।
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गुरुवार को तड़के से ही आसमान में बादल छा गए। धूप नही निकली जबकि ठंडी हवाएं चलने से ठंड का अहसास होने लगा। अपराह्न लगभग दो बजे कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश होने के बाद ठंड बढ़ गई है। लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों से ढ़के रहे। अगेती गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई हो चुकी है। तीसरी सिंचाई चल रही है। हल्की बारिश होने के बाद मौसम परिवर्तन से किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखने लगी है। इस संबंध में नेफोर्ड के कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि तेज बारिश होने की स्थिति में गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। आलू की खुदाई नहीं हो पाई है। खेत में पानी लगने की स्थिति में नुकसान हो सकता है।
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उधर बारिश के बाद ठंड बढ़ जाने के चलते लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों से ढ़के रहे। ठंड में इजाफा होने के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका था। इसके चलते शाम को कांपते देखे गए।
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