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नदी के जलस्तर में घटाव, खतरा बरकरार
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:04 PM IST
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दोहरीघाट / दुबारी। घाघरा का जल स्तर घटने के वावजूद नदी के कहर बरपाने की चिंता लोगों को सताने लगी है। नदी अभी भी खतरे के निशान से 45 सेमी ऊपर बह रही है। दोहरीघाट कस्बा के तीन मुहल्लों में बाढ़ के पानी के साथ आई गंदगी को साफ नहीं कराया जा सका है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। मधुबन तहसील के देवारा में नदी के जलस्तर कम होने के बाद भी जगह-जगह जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। घाघरा जैसे-जैसे घट रही है। नदी के कहर बरपाने की चिंता लोगों को खाए जा रही है। नदी के खतरा बिंदु से 45 सेमी ऊपर बहने से नगर के एतिहासिक धरोहरों पर खतरा बना हुआ है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो 24 घंटे मे घाघरा का जल स्तर 12 सेमी का घटाव दर्ज किया गया। सोमवार को नदी का जलस्तर 70.35 मीटर रहा। रविवार को 70.47 मीटर रहा।गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर रहा। दोहरीघाट कस्बा के तीन मुहल्लों दलित बस्ती, मल्लाह टोला, भगवानपुरा में बाढ़ के पानी के साथ आई गंदगी को साफ नहीं कराया जा सका है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोग मच्छरजनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नदी के रुख से नगर के एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गामंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर आदि खतरे के जद में है घाघरा के तटवर्ती इलाके के दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ फसल पानी मे डूबी हुई है। बंधो पर पानी का दबाव अभी बना हुआ है।मधुबन के देवारा में घाघरा जलस्तर घटने से बाढग्रस्त क्षेत्र के सभी पुरवो को राहत मिली है। हाहानाला रिंग बांध में कई स्थानों पर रिसाव कुछ कम हुआ।जल जमाव होने के चलते उठ रही दुर्गंध से लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है।
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