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दलित के साथ मारपीट करने में तीन सगे भाईयों को दो- दो वर्ष की सजा
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:16 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने दलित के साथ मारपीट, गाली गलौज और धमकी देने के मामले में नामजद तीन सगे भाईयों को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही कुल छह-छह हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया।
मामले के अनुसार सुल्तानीपुर गांव निवासी दुर्गावती देवी पत्नी विग्रम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का कथन था कि वह आवंटन की जमीन में पेड़ लगाने के लिए जा रही थी। उसी समय 6 दिसंबर 2005 को उसके गांव के आरोपीगण लालबिहारी यादव, रामअधार यादव और बेचू यादव पुत्रगण मुसाफिर यादव ने उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली और धमकी देते हुए मारा पीटा। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने वादिनी सहित कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने आरोपीगण लालबिहारी यादव, रामअधार यादव और बेचू यादव को मारपीट, गाली देने में छह-छह माह की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड और धमकी देने में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड तथा एससीएसटी एक्ट में दो वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही तीन-तीन हजार रुपया अर्थदंड निर्धारिति किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामले के अनुसार सुल्तानीपुर गांव निवासी दुर्गावती देवी पत्नी विग्रम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का कथन था कि वह आवंटन की जमीन में पेड़ लगाने के लिए जा रही थी। उसी समय 6 दिसंबर 2005 को उसके गांव के आरोपीगण लालबिहारी यादव, रामअधार यादव और बेचू यादव पुत्रगण मुसाफिर यादव ने उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली और धमकी देते हुए मारा पीटा। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने वादिनी सहित कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने आरोपीगण लालबिहारी यादव, रामअधार यादव और बेचू यादव को मारपीट, गाली देने में छह-छह माह की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड और धमकी देने में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड तथा एससीएसटी एक्ट में दो वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही तीन-तीन हजार रुपया अर्थदंड निर्धारिति किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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