{"_id":"59f8bef34f1c1b6f548ba29d","slug":"81509474035-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला जेल में कैदियों की समस्याओं को लेकर हुई सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला जेल में कैदियों की समस्याओं को लेकर हुई सुनवाई
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जेल में व्याप्त समस्याओं और अन्य कई मामलों को लेकर बंदियों ने सोमवार की रात से भूख हड़ताल कर दिया। साथ ही जेल प्रशासन के विरुद्घ नारेबाजी भी किए। बंदियों के एकजुट होने पर बैक फूट पर आया जेल प्रशासन मंगलवार को बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान बंदियों के कई मांगों को जेल प्रशासन ने माना। इसके बाद मामला समान्य हो सका। हालांकि जेल प्रशासन ने भूख हड़ताल की बात से इंकार किया। जेलर ने बताया कि बंदियों की कुछ जायज मांगे थी। उसे पूरा कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेल सूत्रों की माने तो तीन दिन पूर्व किसी बात को लेकर जेल प्रशासन ने निरूद्घ बालबंदियों को पीटा। इसके दूसरे दिन सोमवार को बंदियों ने अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान सोमवार की रात और मंगलवार की सुबह बंदियों ने खाना नहीं खाया। इस बात की जानकारी होने पर जेल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। मंगलवार की दोपहर बंदियों से जेल प्रशासन ने बैठक किया। इस दौरान बंदियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जेल प्रशासन ने उनकी मांगों को मान लिया। इसके बाद मामला शांत हो गया। इस बीच सीजेएम मऊ भी रुटीन निरीक्षण में जेल पहुंच गए।
जेल अधीक्षक अविनाश गौतम ने बात करने पर जेल के अंदर भूख हड़ताल और नारेबाजी की घटना से इंकार किया। बोले बंदियों की कुछ समस्याएं थी, जिसको आज सुना गया। इसमें दो मांगें जायज थी, जिसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। जेलर ने बताया कि बंदियों की मांग थी की मुलाकाती का समय बढ़ाया जाय। क्योंकि जेल शहर से काफी दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं है। इसके चलते मुलाकात करने के लिए आने वाले लोगों को आने और जाने में देरी होती है। दूसरा दूर होने के कारण देर से आने वाले मुलाकाती से भी बंदियों से मुलाकात कराई जाए। जेलर ने कहा कि जेल में निरुद्घ बंदी पर्व के समय अक्सर भावुक और कुंठा ग्रस्त हो जाते है। अक्तूबर माह पर्वो का माह था। ऐसे में कुछ बंदियों को दिक्कतें हुई।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक अविनाश गौतम ने बात करने पर जेल के अंदर भूख हड़ताल और नारेबाजी की घटना से इंकार किया। बोले बंदियों की कुछ समस्याएं थी, जिसको आज सुना गया। इसमें दो मांगें जायज थी, जिसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। जेलर ने बताया कि बंदियों की मांग थी की मुलाकाती का समय बढ़ाया जाय। क्योंकि जेल शहर से काफी दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं है। इसके चलते मुलाकात करने के लिए आने वाले लोगों को आने और जाने में देरी होती है। दूसरा दूर होने के कारण देर से आने वाले मुलाकाती से भी बंदियों से मुलाकात कराई जाए। जेलर ने कहा कि जेल में निरुद्घ बंदी पर्व के समय अक्सर भावुक और कुंठा ग्रस्त हो जाते है। अक्तूबर माह पर्वो का माह था। ऐसे में कुछ बंदियों को दिक्कतें हुई।
विज्ञापन