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रेल राज्य मंत्री ी घोषणाओं पर उठने लगा है सवाल
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:58 PM IST
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कोपागंज। एक वर्ष पूर्व शिलान्यास होने के बावजूद दोहरीघाट-इंदारा रेल मार्ग अपने दिन बहुरने की बाट जोह रहा है। रेल राज्य मंत्री जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन से लेकर इंदारा जंक्शन तक आमान परिवर्तन करने की घोषणा की गई, लेकिन अभी तक विकास की एक ईंट नहीं रखी जा सकी है। रेल राज्य मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर सवाल उठने लगा है।
इंदारा-दंोहरीघाट रेल मार्ग लंबे समय से उपेक्षित पड़ा है। दर्जनभर आंदोलनों के बाद भाजपा सरकार के आने पर लोगों में आस जगी। रेल बजट में इस रेलमार्ग के आमान परिवर्तन की स्वीकृति मिली। इंदारा से दोहरीघाट तक 35 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। लोगों की उम्मीदों को उस समय पंख लगा जब 20 अक्तूबर 2016 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी । शिलान्या स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल राज्यमंत्री ने कहा था कि आगामी बजट में इस रेलमार्ग पर काम शुरू हो जाएगा। इसके पूरा होने पर लंबी दूरी की ट्रेनें चलने लगेगी। क्षेत्र का त्वरित गति से विकास होगा। लेकिन शिलान्यास के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस रेलमार्ग पर काम शुरू नहीं हो सका है। इस संबंध में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने कहा कि शिलान्यास होने के एक वर्ष बाद भी काम शुरू न होना यही दर्शाता है कि भाजपा की कथनी और करनी में काफी अंतर है। आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र गोयल, शिक्षक विजय बहादुर सिंह का कहना है कि इंदारा दोहरीघाट रेलमार्ग के आमान परिवर्तन का कार्य शिलान्यास के एक वर्ष बाद भी शुरू न हो पाना यही दर्शाता है कि भाजपा के मंत्री भी अन्य दलों के मंत्रियों से परे नहीं हैं।
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इंदारा-दंोहरीघाट रेल मार्ग लंबे समय से उपेक्षित पड़ा है। दर्जनभर आंदोलनों के बाद भाजपा सरकार के आने पर लोगों में आस जगी। रेल बजट में इस रेलमार्ग के आमान परिवर्तन की स्वीकृति मिली। इंदारा से दोहरीघाट तक 35 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। लोगों की उम्मीदों को उस समय पंख लगा जब 20 अक्तूबर 2016 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी । शिलान्या स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल राज्यमंत्री ने कहा था कि आगामी बजट में इस रेलमार्ग पर काम शुरू हो जाएगा। इसके पूरा होने पर लंबी दूरी की ट्रेनें चलने लगेगी। क्षेत्र का त्वरित गति से विकास होगा। लेकिन शिलान्यास के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस रेलमार्ग पर काम शुरू नहीं हो सका है। इस संबंध में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने कहा कि शिलान्यास होने के एक वर्ष बाद भी काम शुरू न होना यही दर्शाता है कि भाजपा की कथनी और करनी में काफी अंतर है। आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र गोयल, शिक्षक विजय बहादुर सिंह का कहना है कि इंदारा दोहरीघाट रेलमार्ग के आमान परिवर्तन का कार्य शिलान्यास के एक वर्ष बाद भी शुरू न हो पाना यही दर्शाता है कि भाजपा के मंत्री भी अन्य दलों के मंत्रियों से परे नहीं हैं।
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