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लोहिया के 26 पात्रों को नहीं मिला मजदूरी का भुगतान
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:37 AM IST
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मऊ। वित्तीय वर्ष 2015-2016 में परदहां ब्लाक क्षेत्र के इंदरपुर गांव के 26 लोगों को लोहिया आवास के लिए जिला प्रशासन की तरफ से पात्र चुना गया। इस दौरान दो किस्तों में मकान बनवाने की जारी धनराशि से पात्रों ने मकान तो बना लिया, लेकिन मजदूरी का भुगतान उन्हें अभी तक नहीं दिया जा सका है। मजदूरी की धनराशि पाने के लिए पात्र दर-दर भटक रहे हैं। इन पात्रों के मकान में लगने वाले सोलर पैनल के साथ पंखा आदि भी नहीं लगाया गया है। इसी तरह सोलर पैनल के लिए प्रति पात्र 30 हजार रुपये की दर से उपरोक्त पात्रों को सात लाख 80 हजार रुपये अवमुक्त किया जाना है।
वर्ष 2015-2016 में लोहिया आवास के वही पात्र बनाए गए जो मनरेगा के जॉब कार्ड धारक थे, इन पात्रों को मकान बनवाने के लिए शासन से जारी गाइड लाइन के अनुसार दो किस्तों में 2 लाख 75 हजार रुपये की धनराशि आवंटित करनी थी। इसके अलावा मकान बनने के दौरान पात्र ही मजदूरी करते उन्हें 161 रुपया प्रति दिन के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी का भुगतान 14490 रुपया होना था। इस वित्तीय वर्ष में इंदरपुर गांव के 26 लोगों को लोहिया आवास के लिए पात्र चुना गया। इन लोगों को दो किस्तों में मकान बनवाने के लिए धनराशि जारी कर दी गई। पात्रों ने मजदूरी कर मकान का निर्माण भी कर लिया। लेकिन उन्हें आज तक मजदूरी की रकम का भुगतान नहीं किया गया। इस दौरान पीड़ित 26 व्याक्ति डीएम, मुख्य विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा और परियोजना निदेशक के कार्यालय का चक्कर लगा रहे है। इन लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। अधिकारियों की ड्योढ़ी का चक्कर लगा रहे पात्र भगवनियां, परमदेईयां, सोना देवी, सुनीता, लालमति सहित सभी 26 पात्रों ने बताया कि मजदूरी की रकम के साथ-साथ उन लोगों के मकानों पर अभी तक सोलर पैनल और बैट्री पंखा आदि भी नहीं लगाया जा सका है। इस संबंध में परियोजना निदेशक /खंड विकास अधिकारी परदहां ब्लाक बीबी सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। अब हुई है सोमवार को देखवा लिया जाएगा। साथ ही पूरी मदद की जाएगी। जबकि डीसी मनरेगा तेज प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर पैनल की धनराशि शासन से निर्गत ही नहीं हुई थी। रही बात मजदूरी के भुगतान की, तो जांच करा लिया जाता है, क्यों नहीं मिली। क्योंकि इसका भुगतान ब्लाक स्तर से होता है। डीसी मनरेगा ने बताया कि भुगतान न होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि पात्रों को 90 दिन का जॉब कार्ड पहले किसी कार्य में भरा गया हो।
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वर्ष 2015-2016 में लोहिया आवास के वही पात्र बनाए गए जो मनरेगा के जॉब कार्ड धारक थे, इन पात्रों को मकान बनवाने के लिए शासन से जारी गाइड लाइन के अनुसार दो किस्तों में 2 लाख 75 हजार रुपये की धनराशि आवंटित करनी थी। इसके अलावा मकान बनने के दौरान पात्र ही मजदूरी करते उन्हें 161 रुपया प्रति दिन के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी का भुगतान 14490 रुपया होना था। इस वित्तीय वर्ष में इंदरपुर गांव के 26 लोगों को लोहिया आवास के लिए पात्र चुना गया। इन लोगों को दो किस्तों में मकान बनवाने के लिए धनराशि जारी कर दी गई। पात्रों ने मजदूरी कर मकान का निर्माण भी कर लिया। लेकिन उन्हें आज तक मजदूरी की रकम का भुगतान नहीं किया गया। इस दौरान पीड़ित 26 व्याक्ति डीएम, मुख्य विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा और परियोजना निदेशक के कार्यालय का चक्कर लगा रहे है। इन लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। अधिकारियों की ड्योढ़ी का चक्कर लगा रहे पात्र भगवनियां, परमदेईयां, सोना देवी, सुनीता, लालमति सहित सभी 26 पात्रों ने बताया कि मजदूरी की रकम के साथ-साथ उन लोगों के मकानों पर अभी तक सोलर पैनल और बैट्री पंखा आदि भी नहीं लगाया जा सका है। इस संबंध में परियोजना निदेशक /खंड विकास अधिकारी परदहां ब्लाक बीबी सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। अब हुई है सोमवार को देखवा लिया जाएगा। साथ ही पूरी मदद की जाएगी। जबकि डीसी मनरेगा तेज प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर पैनल की धनराशि शासन से निर्गत ही नहीं हुई थी। रही बात मजदूरी के भुगतान की, तो जांच करा लिया जाता है, क्यों नहीं मिली। क्योंकि इसका भुगतान ब्लाक स्तर से होता है। डीसी मनरेगा ने बताया कि भुगतान न होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि पात्रों को 90 दिन का जॉब कार्ड पहले किसी कार्य में भरा गया हो।
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