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दी के घाटों पर तर्पण कर लोग पुरखों का करेंगे याद
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:44 PM IST
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मऊ। पूर्वजों को स्मरण करने का पर्व पितृ पक्ष बुधवार को शुरू हो गया। लेकिन तर्पण करने लोग गुरुवार को नदियों के घाटों पर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के लिए घाघरा और तमसा नदी के घाटों पर साफ सफाई नहीं किया जा सका है। घाटों पर गंदगी का अंबार लगे रहने से श्रद्धालुओं को इस बार भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अश्विन मास के 15 दिनों को पितृ पक्ष कहा जाता है। इस पक्ष में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्घ करते हैं।पितृ पक्ष में पितृ पूजा के लिए पूरे 15 दिन तर्पण कर्मकांड के दौरान स्वर्गवासी पूर्वजों के सम्मान में जल अर्पित किया जाता है। पितृ विसर्जन के दिन नदी, तालाब तट पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से तर्पण लोग करते हैं। इसी के तहत शहर के तमसा तट स्थित ढेकुलियाघाट, बम घाट, सत्तीघाट, हनुमान घाट, रामघाट, संगत घाट तथा दोहरीघाट के घाघरा के गौरीशंकर घाट, रामघाट की साफ सफाई नहीं कराई जा सकी थी। इसके चलते तर्पण करने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। साफ सफाई न कराए जाने को लेकर लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में भोला प्रसाद, विजेंद्र सिंह, शिवनारायण शर्मा का कहना था कि नगरपालिका तथा नगर पंचायतों की तरफ से पर्वों के मद्देनजर साफ सफाई कराने में उदासीनता बरती जाती है। पितृ पक्ष के मद्देनजर नदी के घाटों की साफ सफाई नहीं कराई जा सकी है। साफ सफाई कराया जाए। बताते चले जिले के लोग नदियों के साथ तालाबों के किनारे तर्पण कर अपने पूर्वजों को याद करते है।
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अश्विन मास के 15 दिनों को पितृ पक्ष कहा जाता है। इस पक्ष में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्घ करते हैं।पितृ पक्ष में पितृ पूजा के लिए पूरे 15 दिन तर्पण कर्मकांड के दौरान स्वर्गवासी पूर्वजों के सम्मान में जल अर्पित किया जाता है। पितृ विसर्जन के दिन नदी, तालाब तट पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से तर्पण लोग करते हैं। इसी के तहत शहर के तमसा तट स्थित ढेकुलियाघाट, बम घाट, सत्तीघाट, हनुमान घाट, रामघाट, संगत घाट तथा दोहरीघाट के घाघरा के गौरीशंकर घाट, रामघाट की साफ सफाई नहीं कराई जा सकी थी। इसके चलते तर्पण करने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। साफ सफाई न कराए जाने को लेकर लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में भोला प्रसाद, विजेंद्र सिंह, शिवनारायण शर्मा का कहना था कि नगरपालिका तथा नगर पंचायतों की तरफ से पर्वों के मद्देनजर साफ सफाई कराने में उदासीनता बरती जाती है। पितृ पक्ष के मद्देनजर नदी के घाटों की साफ सफाई नहीं कराई जा सकी है। साफ सफाई कराया जाए। बताते चले जिले के लोग नदियों के साथ तालाबों के किनारे तर्पण कर अपने पूर्वजों को याद करते है।
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