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फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं बीटीसी के छात्र
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मऊ। मान्यता प्राप्त बीटीसी शिक्षण संस्थानों को बीटीसी के प्रशिक्षुुुओं को पढ़ने बैठने के लिए बेंच डेस्क आदि पठन पाठन सामग्रियों की देखभाल करने वाले सरकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) खुद ही संसाधन विहीन है। यहां पर प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षुओं को कक्षाओं में फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके उलट जिले में कुल 53 मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। इन सभी पर छात्रों को बैठने के लिए बेंच और डेस्क की व्यवस्था है।
जिला मुख्यालय पर स्थित डायट पर पहले बीटीसी के 50 प्रशिक्षुुओं को प्रशिक्षित करने का प्रावधान था। बाद में सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई। लेकिन पिछले चार सालों से डायट की सीटों को बढाकर 200 कर दिया गया। डायट में सीटें बढ़ती गईं लेकिन प्रशिक्षुओं को बैठने पढ़ने के लिए संसाधनों में वृद्धि करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। डायट में प्रशिक्षुओं की संख्या में चार गुना इजाफा कर दिया गया लेकिन सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया।
आलम यह है कि सभी छात्र छात्राओं को यहां फर्श पर बिछी दरी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। यहां बीटीसी कर रही कई छात्राओं ने बताया कि फर्श पर बिछी इतनी गंदी है कि उस पर बैठने को जी नहीं करता लेकिन क्या करें । इस बारे में कोई शिकायत करना अनुशासनहीनता मान लिया जाएगा इस वजह से कोई शिकायत नहीं कर पाता । जिले में कुल 53 मान्यता प्राप्त नीजी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। इन सभी पर छात्रों को बैठने के लिए बेंच और डेस्क की व्यवस्था है।
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डायट में हाल में दरी पर बैठकर छात्रों को पढाई करनी होती है। बेंच डेस्क के लिए कोई बजट शासन की ओर से उपलब्ध नहीं हुआ है। लेक्चररों के पद रिक्त हैं , उच्चाधिकारियों को अवगत करया जा चुका है।
आरसी यादव , प्राचार्य ,डायट ,मऊ
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जिला मुख्यालय पर स्थित डायट पर पहले बीटीसी के 50 प्रशिक्षुुओं को प्रशिक्षित करने का प्रावधान था। बाद में सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई। लेकिन पिछले चार सालों से डायट की सीटों को बढाकर 200 कर दिया गया। डायट में सीटें बढ़ती गईं लेकिन प्रशिक्षुओं को बैठने पढ़ने के लिए संसाधनों में वृद्धि करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। डायट में प्रशिक्षुओं की संख्या में चार गुना इजाफा कर दिया गया लेकिन सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया।
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आलम यह है कि सभी छात्र छात्राओं को यहां फर्श पर बिछी दरी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। यहां बीटीसी कर रही कई छात्राओं ने बताया कि फर्श पर बिछी इतनी गंदी है कि उस पर बैठने को जी नहीं करता लेकिन क्या करें । इस बारे में कोई शिकायत करना अनुशासनहीनता मान लिया जाएगा इस वजह से कोई शिकायत नहीं कर पाता । जिले में कुल 53 मान्यता प्राप्त नीजी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। इन सभी पर छात्रों को बैठने के लिए बेंच और डेस्क की व्यवस्था है।
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डायट में हाल में दरी पर बैठकर छात्रों को पढाई करनी होती है। बेंच डेस्क के लिए कोई बजट शासन की ओर से उपलब्ध नहीं हुआ है। लेक्चररों के पद रिक्त हैं , उच्चाधिकारियों को अवगत करया जा चुका है।
आरसी यादव , प्राचार्य ,डायट ,मऊ