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1350 वक्फ संपतियों पर जांच की तलवार

Fri, 16 Jun 2017 11:15 PM IST
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:15 PM IST
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1350 वक्फ संपतियों पर जांच की तलवार
मऊ। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश भर में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर इसकी जांच सीबीआई से कराए जाने की सिफारिश की सूचना हड़कंप हैं। जिले में 1350 वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं, वहीं तमाम संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं। केंद्र में भी भाजपा और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण माना जा रहा है कि राज्य सरकार की सिफारिश तुरंत मान ली जाएगी। इसलिए अब सभी संपत्तियों पर जांच की तलवार अभी से लटक गई है। जिला प्रशासन हालांकि अभी किसी भी निर्देश न मिलने की बात कह रहा है।
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अल्पसंख्यक विभाग द्वारा प्रदेश सरकार से शिया एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड को भंग किए जाने से हर जगह हड़कंप हैं। वहीं अध्यक्षों को भी हटाए जाने की सिफारिश की गई है। विभाग के इस कार्रवाई के बाद सरकार द्वारा सभी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग को लेकर हर जिलों में इनकी संपत्ति का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। जिले में वक्फ बोर्ड की 1350 संपत्तियां हैं, इनमें अकेले 1229 संपत्तियां सुन्नी की है जब कि शेष संपत्ति शिया की है। इन संपत्तियों में जिले भर के मदरसा, कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरा, ईदगाह आदि की जमीनें शामिल हैं। इनमें कुछ संपत्तियों की आड़ में अवैध संपत्ति भी अर्जित की गई है। ऐसी संपत्तियां कब्रिस्तान, मदरसों के पास हैं। सीबीआई जांच हुई तो इन संपत्तियों की भी जांच होनी तय है। इससे सभी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के संचालकों की प्रदेश सरकार की सिफारिश से नींद उड़ी हुई है।
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माना जा रहा है कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण प्रदेश सरकार की सिफारिश को टाला जाना मुमकिन नहीं है। ऐसे समय में जब कि खुद अल्पसंख्यक विभाग ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में भ्रष्टाचार एवं घोटाले का मामला प्रकाश में में आने के बाद दोनों बोर्डों को भंग कर दिया है। यही नहीं दोनों अध्यक्षों को हटाए जाने की तैयारी चल रही है। ऐसा हुआ तो अध्यक्षों के बदले वहां प्रशासक की तैनाती की जाएगी। ऐसे में हर जिले में जहां वक्फ बोर्ड की संपत्ति है वहां भी प्रशासक ही देखरेख कर सकेंगे। इस संबंध ममें जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार का कहना है कि अभी शासन से शिया या सुन्नी वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति के बारे में जांच करने का कोई निर्देश नहीं मिला है और न ही इस संबंध में अभी कोई तैयारी चल रही है। जिले में जो भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति हैं वह अल्पसंख्यक विभाग के रिकार्ड में है। शासन का जो भी निर्देश प्राप्त होगा उसका अनुपालन कराया जाएगा।
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