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Mau News: छह दिन में 5079 मरीज पहुंचे अस्पताल, 40 फीसदी को सर्दी, जुकाम, बुखार
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मऊ। मौसम में आ रहे बदलाव से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में ऐसे 820 से 870 मरीज वायरल फीवर, सर्दी, खांसी सहित विभिन्न बीमारियों के पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इसे वायरल बताते हुए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में मौसम तेजी से बदल रहा है। रात और दिन का तापमान कम होता जा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में नमी 80 प्रतिशत रही। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। आंकड़ों के आधार पर पिछले छह दिन में जिला अस्पताल की ओपीडी में 5079 मरीज इलाज करा चुके हैं। इनमें से 40 फीसदी यानी 2031 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों के रहे।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार ने बताया मौसम में बदलाव के चलतेे वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी सहित विभिन्न बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। नमी बनने से वायरस पनपते हैं। जब ये वायरस शरीर में पहुंचते है तो सबसे पहले गले में इसका असर पड़ता है। वायरल संक्रमण के कारण गले में सूजन सहित विभिन्न समस्या बनती है। इस वजह से इस मौसम में गले में खराश, एलर्जी होने की आशंका रहती है। वायरल से पीड़ित व्यक्ति के खांसने, छींकने से भी लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं, इसलिए लोगों को इस मौसम में बचाव करने की जरूरत है।
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गले में संक्रमण के लक्षण
गले में खुजली व जलन होना।
सूजन और खराश होना।
सूखी खांसी होना।
बोलने या निगलने में परेशानी होना।
गले में कफ जमा होना
ऐसे करें बचाव
मौसम के अनुसार पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
ज्यादा ठंडा पानी व पेय पदार्थों का सेवन न करें।
बार-बार पानी में भीगने से बचे।
गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाएं।
वायरल संक्रमण होने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लें।
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जिले में मौसम तेजी से बदल रहा है। रात और दिन का तापमान कम होता जा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में नमी 80 प्रतिशत रही। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। आंकड़ों के आधार पर पिछले छह दिन में जिला अस्पताल की ओपीडी में 5079 मरीज इलाज करा चुके हैं। इनमें से 40 फीसदी यानी 2031 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों के रहे।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार ने बताया मौसम में बदलाव के चलतेे वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी सहित विभिन्न बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। नमी बनने से वायरस पनपते हैं। जब ये वायरस शरीर में पहुंचते है तो सबसे पहले गले में इसका असर पड़ता है। वायरल संक्रमण के कारण गले में सूजन सहित विभिन्न समस्या बनती है। इस वजह से इस मौसम में गले में खराश, एलर्जी होने की आशंका रहती है। वायरल से पीड़ित व्यक्ति के खांसने, छींकने से भी लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं, इसलिए लोगों को इस मौसम में बचाव करने की जरूरत है।
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गले में संक्रमण के लक्षण
गले में खुजली व जलन होना।
सूजन और खराश होना।
सूखी खांसी होना।
बोलने या निगलने में परेशानी होना।
गले में कफ जमा होना
ऐसे करें बचाव
मौसम के अनुसार पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
ज्यादा ठंडा पानी व पेय पदार्थों का सेवन न करें।
बार-बार पानी में भीगने से बचे।
गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाएं।
वायरल संक्रमण होने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लें।