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प्रसव के बाद स्तनपान के लिए करें प्रेरित
Updated Fri, 02 Nov 2018 10:53 PM IST
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मऊ। इंफेंट एंड यंग चाइल्ड फीडिंग (आईवाईसीएफ) के तहत गुरुवार को महिला जिला अस्पताल में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन भी सीएचसी-पीएचसी से आई एएनएम और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन ट्रेनर डॉ. विवेक कुमार सिंह, ममता यादव और रेनू सिंह ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान बताया कि प्रसव के बाद स्तनपान के लिए महिलाओं को प्रेरित करें।
प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को अपने शिशु को स्तनपान कराने में अपूर्व सुखद अनुभूति होती है और यह शिशु के लिए भी एक अनमोल उपहार है। मां का दूध शिशु में प्रतिरक्षा क्षमता, यानी रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है। वहीं मिथकों के अलावा आधुनिक जीवनशैली नई माताओं में अक्सर उलझन पैदा करती रहती है, इसलिए उन्हें स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरुरत है। बच्चों की मौत दर कम करने व उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि आईवाईसीएफ को प्राथमिकता देनी होगी। कार्यक्रम में दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता शामिल हुए। डॉ. गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अपने केंद्रों पर ब्रेस्ट फीडिंग, कंप्लीमेंटरी फीडिंग के बारे में जानकारी देते हुए इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की बात कही। इस मौके पर आनंद पांडेय, डॉ. मिथिलेश रस्तोगी, फार्मासिस्ट ओमप्रकाश यादव, ममता यादव, रेनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को अपने शिशु को स्तनपान कराने में अपूर्व सुखद अनुभूति होती है और यह शिशु के लिए भी एक अनमोल उपहार है। मां का दूध शिशु में प्रतिरक्षा क्षमता, यानी रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है। वहीं मिथकों के अलावा आधुनिक जीवनशैली नई माताओं में अक्सर उलझन पैदा करती रहती है, इसलिए उन्हें स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरुरत है। बच्चों की मौत दर कम करने व उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि आईवाईसीएफ को प्राथमिकता देनी होगी। कार्यक्रम में दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता शामिल हुए। डॉ. गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अपने केंद्रों पर ब्रेस्ट फीडिंग, कंप्लीमेंटरी फीडिंग के बारे में जानकारी देते हुए इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की बात कही। इस मौके पर आनंद पांडेय, डॉ. मिथिलेश रस्तोगी, फार्मासिस्ट ओमप्रकाश यादव, ममता यादव, रेनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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