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गैर इरादतन हत्या के मामले में एक को पांच वर्ष का कठोर कारावास
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:41 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो सुरेश कुमार गुप्ता ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद एक आरोपी को दोषी पाते हुए पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही पांच हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 50 प्रतिशत धनराशि बतौर क्षतिपूर्ति मृतका केसरी के माता पिता को देने का आदेश दिया। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार इटौरा गांव निवासी वादी मुकदमा फूलचंद राजभर पुत्र सरजू की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । वादी का कथन है कि सात नवंबर 2011 की शाम 5:00 बजे मेढ काटने के विवाद को लेकर उसी के गांव के आरोपी भृगनाथ पुत्र सरजू राजभर ने उसकी लड़की केसरी और तेतली को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाए। इलाज के दौरान केसरी की मौत हो गई । पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने अपना पक्ष रखा । बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है । एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी भृगुनाथ राजभर को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
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अभियोजन के अनुसार इटौरा गांव निवासी वादी मुकदमा फूलचंद राजभर पुत्र सरजू की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । वादी का कथन है कि सात नवंबर 2011 की शाम 5:00 बजे मेढ काटने के विवाद को लेकर उसी के गांव के आरोपी भृगनाथ पुत्र सरजू राजभर ने उसकी लड़की केसरी और तेतली को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाए। इलाज के दौरान केसरी की मौत हो गई । पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने अपना पक्ष रखा । बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है । एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी भृगुनाथ राजभर को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
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