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धनुष टूटते ही जयश्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा पूरा पंडाल
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:28 PM IST
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परदहा ब्लाक के ओन्हाईच गांव में चल रही रूद्र शतचंडी महायज्ञ में छठवे दिन श्रीराम कथा में मंगलवार को धनुष यज्ञ, मेला, भगवान राम, मां सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। भगवान राम के धनुष तोड़ते ही जयश्रीराम के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
मिथिला नरेश राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। इसमें उन्होंने शर्त रखा कि धनुष तोड़ने वाले से ही सीता का विवाह होगा। शर्त को सुनकर देश-देश के राजा आते हैं। स्वयंवर की भरी सभा में रखे धनुष को कोई राजा नहीं तोड़ सका। यह देख राजा जनक व्याकुल हो उठे। उनकी व्याकुलता देख मुनि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम को धनुष तोड़ने का आदेश दिया। क्षण भर में ही श्रीराम धनुष को तोड़ दिया। इसके बाद मां सीता भगवान के गले में जयमाल डालती हैं। धनुष टूटते ही पूरा पंडाल जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। धनुष तोड़ने के बाद परशुराम व लक्ष्मण संवाद का भी मंचन किया गया। राजा जनक अयोध्या के राजा दशरथ को बारात लाने की सूचना देते हैं, और सीता का विवाह संपन्न होता है। वहीं दर्शकों नें बीच बीच में जय श्रीराम के जयकारे भी लगाते रहे। इस मौके पर राधेई सिंह, अंबिका यादव, अंतरबिजय सिंह, काशी पांडेय, सुनिल पांडेय, ध्रुव मौर्य, दीनदयाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्घालु मौजूद रहे।
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मिथिला नरेश राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। इसमें उन्होंने शर्त रखा कि धनुष तोड़ने वाले से ही सीता का विवाह होगा। शर्त को सुनकर देश-देश के राजा आते हैं। स्वयंवर की भरी सभा में रखे धनुष को कोई राजा नहीं तोड़ सका। यह देख राजा जनक व्याकुल हो उठे। उनकी व्याकुलता देख मुनि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम को धनुष तोड़ने का आदेश दिया। क्षण भर में ही श्रीराम धनुष को तोड़ दिया। इसके बाद मां सीता भगवान के गले में जयमाल डालती हैं। धनुष टूटते ही पूरा पंडाल जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। धनुष तोड़ने के बाद परशुराम व लक्ष्मण संवाद का भी मंचन किया गया। राजा जनक अयोध्या के राजा दशरथ को बारात लाने की सूचना देते हैं, और सीता का विवाह संपन्न होता है। वहीं दर्शकों नें बीच बीच में जय श्रीराम के जयकारे भी लगाते रहे। इस मौके पर राधेई सिंह, अंबिका यादव, अंतरबिजय सिंह, काशी पांडेय, सुनिल पांडेय, ध्रुव मौर्य, दीनदयाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्घालु मौजूद रहे।
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