{"_id":"673506a860205ae93405d346","slug":"40-lost-their-lives-due-to-intoxication-and-overspeeding-mau-news-c-295-1-svns1028-120309-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: नशे और ओवरस्पीड में 40, हेलमेट न पहनने से 50 फीसदी ने गंवाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: नशे और ओवरस्पीड में 40, हेलमेट न पहनने से 50 फीसदी ने गंवाई जान
विज्ञापन
मऊ। नवंबर में यातायात माह के तहत पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी यातायात नियमों का पालन नहीं करने पर सड़क हादसों का ग्राफ हर साल 20 फीसदी बढ़ रहा है। सड़क हादसे में मृतकों में दो पहिया चालक 75 फीसदी से अधिक हैं। वहीं नशे और ओवरस्पीट में 40 तो हेलमेट नहीं पहनने से 50 फीसदी लोगों ने जान गंवाई है।
इस वर्ष ही बीते सितंबर माह तक 230 से ज्यादा सड़क हादसों में 121 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 143 लोग घायल हैं। जबकि बीते साल 290 सड़क हादसों में 143 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2022 में 304 सड़क हादसों में 157 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2021 में 264 सड़क हादसों में 131 लोगों की मौत हुई थी।
आंकड़ों में एक बात चौकाने वाली सामने आई कि सड़क हादसों में मरने वालों में अधिकतर दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं, जिनमें 20 से 40 वर्ष के युवकों की संख्या 60 फीसदी से ज्यादा है। सड़क हादसों की समीक्षा में अधिकतर मौत हेलमेट नहीं पहनने से सिर में हुई हैं। कई वाहन चालकों द्वारा घटना के समय ओवरस्पीड होना मिला।
विज्ञापन
वहीं करीब 20 फीसदी मामले में चालक द्वारा नशे में वाहन चलाने से हुए। बावजूद हर दिन नियम को दरकिनार के दौरान चालान कटना, जागरूकता के बाद भी प्रतिदिन आंखों के सामने मौत के मुंह में जाते देखने के बाद भी लोग नसीहत लेने को तैयार नहीं है।
दस फीसदी हादसों का कारण बनें छुट्टा पशु
मऊ। जिले में सड़क हादसाें का आंकड़ा देखें तो करीब 10 फीसदी आंकड़े छुट्टा पशुओं से हुए हैं। बीते 17 अक्तूबर 2024 को सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बरलाई मोड़ के पास अचानक नीलगाय के सामने से बाइक टकरा से मीट कारोबारी मुहम्मदाबादगोहना कोतवाली क्षेत्र के अतरारी निवासी खलीलुर्रहमान (58) और नजीर अहमद (50) की मौत हो गई थी। वहीं दो नवंबर 2023 को अचानक मवेशी आने से बाइक सड़क पर पलट जाने से आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना के स्थानीय कस्बा निवासी संजीव गुप्ता (40) और उसकी मां सोमारी घायल हो गई थी।
30 ब्लैक स्पॉट होने के बाद भी नहीं रुक रहे हादसे
मऊ। जिला प्रशासन सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए शहर समेत ग्रामीण अंचलों में कुल 30 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। चिह्नित ब्लैक स्पाॅट में मुख्य रूप से मढैया चट्टी, इदारतगंज, भीरा मोड़, चलीसवां पेट्रोल पंप, भुजौटी ताज पैलेस, अंधा मोड़, बलिया मोड़, भुजौटी, आदेडीह, बापू इंटर कॉलेज, कसारा मोड़, गोठा बाइपास, अहिरानी पेट्रोलपंप, भीटी, खुरहट, पहसा बाजार आदि है। बताते चलें कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रतिवर्ष प्रशासन की ओर से यातायात जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
जागरूकता अभियान संग की जा रही कार्यवाही
मऊ। सड़क हादसों में कमी को लेकर यातायात विभाग जागरूकता अभियान से लेकर नियमों के उल्लघंन पर कार्यवाही भी करता है। बावजूद इसके साल दर साल हादसों में कमी नहीं आई है। इस वर्ष नौ माह में बिना हेलमेट बाइक चलाने पर ही 51 हजार 251 वाहनों का चालान किया गया है। इसमें जनवरी में 4976, फरवरी में 5728, मार्च में 5612, अप्रैल में 5802, मई में 4868, जुन में 5942, जुलाई में 6253, अगस्त में 6301 और सितंबर में 5769 वाहनों पर चालान की कार्रवाई की गई है। इनमें बिना हेलमेट बाइक चलाने पर सबसे अधिक चालान हुए हैं।
यातायात नियम को लेकर जिले में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। नियम का पालन न करने वालाें का चालान भी किया जा रहा है। यातायात नियम का पालन खुद की सुरक्षा के लिए करना चाहिए। दोपहिया चालक हेलमेट जरूर पहनें। चार पहिया वाहन चालकों को शीट बेल्ट अनिवार्य रुप से लगाना चाहिए। - इलामारन जी, पुलिस अधीक्षक मऊ
विज्ञापन
इस वर्ष ही बीते सितंबर माह तक 230 से ज्यादा सड़क हादसों में 121 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 143 लोग घायल हैं। जबकि बीते साल 290 सड़क हादसों में 143 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2022 में 304 सड़क हादसों में 157 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2021 में 264 सड़क हादसों में 131 लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
आंकड़ों में एक बात चौकाने वाली सामने आई कि सड़क हादसों में मरने वालों में अधिकतर दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं, जिनमें 20 से 40 वर्ष के युवकों की संख्या 60 फीसदी से ज्यादा है। सड़क हादसों की समीक्षा में अधिकतर मौत हेलमेट नहीं पहनने से सिर में हुई हैं। कई वाहन चालकों द्वारा घटना के समय ओवरस्पीड होना मिला।
विज्ञापन
वहीं करीब 20 फीसदी मामले में चालक द्वारा नशे में वाहन चलाने से हुए। बावजूद हर दिन नियम को दरकिनार के दौरान चालान कटना, जागरूकता के बाद भी प्रतिदिन आंखों के सामने मौत के मुंह में जाते देखने के बाद भी लोग नसीहत लेने को तैयार नहीं है।
दस फीसदी हादसों का कारण बनें छुट्टा पशु
मऊ। जिले में सड़क हादसाें का आंकड़ा देखें तो करीब 10 फीसदी आंकड़े छुट्टा पशुओं से हुए हैं। बीते 17 अक्तूबर 2024 को सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बरलाई मोड़ के पास अचानक नीलगाय के सामने से बाइक टकरा से मीट कारोबारी मुहम्मदाबादगोहना कोतवाली क्षेत्र के अतरारी निवासी खलीलुर्रहमान (58) और नजीर अहमद (50) की मौत हो गई थी। वहीं दो नवंबर 2023 को अचानक मवेशी आने से बाइक सड़क पर पलट जाने से आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना के स्थानीय कस्बा निवासी संजीव गुप्ता (40) और उसकी मां सोमारी घायल हो गई थी।
30 ब्लैक स्पॉट होने के बाद भी नहीं रुक रहे हादसे
मऊ। जिला प्रशासन सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए शहर समेत ग्रामीण अंचलों में कुल 30 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। चिह्नित ब्लैक स्पाॅट में मुख्य रूप से मढैया चट्टी, इदारतगंज, भीरा मोड़, चलीसवां पेट्रोल पंप, भुजौटी ताज पैलेस, अंधा मोड़, बलिया मोड़, भुजौटी, आदेडीह, बापू इंटर कॉलेज, कसारा मोड़, गोठा बाइपास, अहिरानी पेट्रोलपंप, भीटी, खुरहट, पहसा बाजार आदि है। बताते चलें कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रतिवर्ष प्रशासन की ओर से यातायात जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
जागरूकता अभियान संग की जा रही कार्यवाही
मऊ। सड़क हादसों में कमी को लेकर यातायात विभाग जागरूकता अभियान से लेकर नियमों के उल्लघंन पर कार्यवाही भी करता है। बावजूद इसके साल दर साल हादसों में कमी नहीं आई है। इस वर्ष नौ माह में बिना हेलमेट बाइक चलाने पर ही 51 हजार 251 वाहनों का चालान किया गया है। इसमें जनवरी में 4976, फरवरी में 5728, मार्च में 5612, अप्रैल में 5802, मई में 4868, जुन में 5942, जुलाई में 6253, अगस्त में 6301 और सितंबर में 5769 वाहनों पर चालान की कार्रवाई की गई है। इनमें बिना हेलमेट बाइक चलाने पर सबसे अधिक चालान हुए हैं।
यातायात नियम को लेकर जिले में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। नियम का पालन न करने वालाें का चालान भी किया जा रहा है। यातायात नियम का पालन खुद की सुरक्षा के लिए करना चाहिए। दोपहिया चालक हेलमेट जरूर पहनें। चार पहिया वाहन चालकों को शीट बेल्ट अनिवार्य रुप से लगाना चाहिए। - इलामारन जी, पुलिस अधीक्षक मऊ