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मौसम में आए उतार चढ़ाव से बढ़ सकता है बीमारियों का प्रकोप
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:36 AM IST
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मऊ। मौसम में आए उतार चढ़ाव से बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। ठंड बढ़ने से रबी फसलों के लिए लाभप्रद बताया जा रहा है। मंगलवार की शाम कोहरा पड़ने के चलते वाहनों का संचालन मुश्किल हो रहा था।
कई दिनों से मौसम बदलाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।
गत मंगलवार को झमाझम बारिश होने के बाद ठंड बढ़ गई थी। दिन भर आकाश में बादल छाए रहे। किसान हल्की बारिश की आस लगाए रहे। किसान महेंद्र यादव, सुरेेश कुमार सिंह, संजीव यादव का कहना था कि गेेेहूं की दूसरी सिंचाई का समय था, बारिश हुई होती तो सिंचाई करना नहीं पड़ा होता। कोहरे का प्रकोप जारी रहा तो आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है।देर शाम से कुहरा पड़ने के चलते आवागमन कष्टकारक साबित हो रहा था। घना कोहरा होने के चलते लोगों को दिखाई ही नहीं दे रहा था।बुधवार को तेज धूप निकली। मौसम के उतार चढ़ाव होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। इस संबंध में नगर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएन खत्री का कहना था कि मौसम में उतार चढ़ाव आने से खांसी, जुकाम, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि बारिश नाम मात्र हुई है। हल्की बारिश हो गई होती तो किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ती। लेकिन फरवरी तक ठंड पड़ती रही तो गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ सकता है। कोहरे का प्रकोप शुरू हुआ तो दलहनी तथा आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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कई दिनों से मौसम बदलाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।
गत मंगलवार को झमाझम बारिश होने के बाद ठंड बढ़ गई थी। दिन भर आकाश में बादल छाए रहे। किसान हल्की बारिश की आस लगाए रहे। किसान महेंद्र यादव, सुरेेश कुमार सिंह, संजीव यादव का कहना था कि गेेेहूं की दूसरी सिंचाई का समय था, बारिश हुई होती तो सिंचाई करना नहीं पड़ा होता। कोहरे का प्रकोप जारी रहा तो आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है।देर शाम से कुहरा पड़ने के चलते आवागमन कष्टकारक साबित हो रहा था। घना कोहरा होने के चलते लोगों को दिखाई ही नहीं दे रहा था।बुधवार को तेज धूप निकली। मौसम के उतार चढ़ाव होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। इस संबंध में नगर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएन खत्री का कहना था कि मौसम में उतार चढ़ाव आने से खांसी, जुकाम, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि बारिश नाम मात्र हुई है। हल्की बारिश हो गई होती तो किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ती। लेकिन फरवरी तक ठंड पड़ती रही तो गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ सकता है। कोहरे का प्रकोप शुरू हुआ तो दलहनी तथा आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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