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Mau News: 30 फीसदी तालाब पर अतिक्रमण, मोहल्ले में भरता है बारिश का पानी

Wed, 25 Jun 2025 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:46 PM IST
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30% of the pond is encroached
जिले में तालाब और पोखरियां पर अतिक्रमण कर लिया गया है। ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में 30 फीसदी तालाब अतिक्रमण कर लिए गए हैं। इस पर नर्सिंग कॉलेज, अस्पताल और भवन बना लिए गए हैं। जिससे इसका अस्तित्व समाप्त हो गया है। वहीं अतिक्रमण से बारिश का पानी मोहल्लों में भरने लगता है।
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राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले की 645 ग्राम पंचायतों और 11 नगर निकायों (1556 राजस्व गांव) में 3572 तालाब और पोखरियां भू-लेख में दर्ज हैं। तालाबों के संरक्षण के लिए शासन स्तर से समय समय पर कवायद किया जाता रहा है। लेकिन गांव के प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर लेने या उसपर घर बना से 30 फीसदी मौके से गायब हैं।
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वहीं शहरी इलाकों में तालाब और झील पर बड़े व्यवसायिक भवन भी बने हैं। एक बीघे में फैले तालाब अब दो से चार बिस्वा में सिमट कर रह गए हैं। लेकिन उनपर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई तालाबों को पाटकर नर्सिंग कॉलेज, हॉस्पिटल, स्कूल भी बने हैं। जो बचे हैं उनपर अतिक्रमण होने से सिकुड़ गए हैं।
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अस्तित्व बचाने के उद्देश्य से मनरेगा से 272 तालाबों का सुंदरीकरण कर अमृत सरोवर बनाया गया है। अतिक्रमण करने पर तहसील स्तर से कुछ समय के लिए कार्रवाई होती है, फिर राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के स्तर से मामला दबा दिया जाता है। शिकायतों के बावजूद तालाबों से अतिक्रमण को नहीं हटाया जा सका।
बारिश का पानी नहीं होता संचय
तालाबों पर अतिक्रमण कर मकान बनाने या मिट्टी पाटकर कब्जा करने से बारिश का पानी संचय नहीं हो पाता है। यही कारण है कि तेज बारिश होने पर नहीं निकलने से मुहल्लों में पानी भर जाता है। तालाब छोटा होने से जल्दी भर जाता है और नालियां ओवरफ्लो होकर घर में ही पानी घुसने लगता है।
पांच ताल का भी अस्तित्व खतरे में

जनपद के चार ब्लॉकों सबसे बड़े जलाशय पांच ताल का अस्तित्व भी खतरे में है। कोपागंज में नरजा ताल, रतनपुरा ब्लॉक में गाढ़ा ताल, बड़रांव ब्लॉक में पकड़ी ताल और पीवा ताल, फतेहपुर मंडाव ब्लॉक में फतेहपुर ताल हैं।
ताजा मामला 9977.19 बीघे (6000 एकड़) के पकड़ी ताल का है। जहां बीते एक माह से ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के यहां अतिक्रमण करने को लेकर शिकायत कर रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 50 बीघे ताल की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है।
कुछ लोगों को लाभ दिलाने के लिए ताल आरसीसी और इंटरलॉकिंग बनवाई जा रही है। ताल से ही आसपास के लगभग 100 गांवों में पेयजल की समस्या नहीं होती है। मछुआरों के सैकड़ों परिवारों का जीवनयापन इसी ताल से होता है। ग्रामीणों संपूर्ण समाधान दिवस, जिलाधिकारी के पास प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचे। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

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एक नजर में
तहसील तालाबों की संख्या
सदर 2003
मुहम्मदाबाद गोहना 293
घोसी 410
मधुबन 866
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तालाब और पोखरियों पर अतिक्रमण करना नियम विरुद्ध है। तालाब जल संरक्षण का मुख्य स्रोत हैं। शिकायत मिलने पर राजस्व टीम तालाब का सीमांकन करके अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है। - दिनेश, मुख्य राजस्व अधिकारी, मऊ
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