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Mau News: 45 वर्षों के मुकदमे में 30 लाख खर्च, सुप्रीम कोर्ट से मिला न्याय

Thu, 18 May 2023 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2023 12:13 AM IST
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30 lakhs spent in 45 years of trial, got justice from Supreme Court
मऊ/अमिला। निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च अदालत तक 45 वर्षो की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर बुधवार तहसील घोसी क्षेत्र के बाबा थानीदास मोड के पास स्थित वादी की जमीन पर बने अवैध निर्माण को अदालत अमीन और पुलिस की मौजूदगी में हटाया गया। कोर्ट के आदेश पर संतोष व्यक्त करते हुए शिवनाथ गुप्ता ने बताया कि उसके पिता ने मुकदमा दायर किया था। वर्ष 1996 में उनकी मौत होने के बाद उन्होंने कानूनी लड़ाई जारी रखी। 45 वर्ष तक चली लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार उसे सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिला। तथा उसकी जमीन पर विपक्षी मुरारी द्धारा जबरदस्ती बनाए गए निर्माण को गिराकर उस जमीन पर उसे कब्जा दिलाया गया। उसने बताया कि 45 वर्ष तक चले कानूनी लड़ाई में उसका लगभग 30 लाख रुपए खर्च हुए,जमीन की कीमत 60 से 65 लाख रुपये होगी। अदालत के आदेश अवैध तरीक़े से किए गए निर्माण को गिराकर कब्जा दिलाने की चर्चा क्षेत्र मे पूरे दिन होती रही। लोगों का कहना था कि देर से ही सही लेकिन अदालत के आदेश पर शिवनाथ को न्याय मिला। शिवनाथ गुप्ता ने बताया कि उसकी पुस्तैनी जमीन पर मुरारी ने जबरदस्ती कब्जा कर मकान बना लिया। इसपर उसके पिता गोविंद ने वर्ष 1978 में न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन मुहम्दाबाद गोहना, जनपद- आजमगढ़ में एक मुकदमा गोविंद बनाम मुरारी दाखिल किया। सुनवाई के बाद मुंसिफ मुहम्मदाबाद गोहना ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया।जिसपर न्यायालय के फैसले का अनुपालन के लिए इजरा वाद दाखिल किया। जिसमें कोर्ट ने उसकी जमीन पर अवैध रूप से मुरारी द्वारा किए गए निर्माण को हटाने का आदेश दिया। इस दौरान मुरारी ने उक्त आदेश को जिला जज आजमगढ़ के न्यायालय में चुनौती दिया। जिला जज ने सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। जिस पर मुरारी ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील दाखिल किया। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को यथावत रखा। इस दौरान मुरारी की मौत हो गई और वादी गोविंद की भी वर्ष 1996 मे मौत हो गई। मुरारी की मौत के बाद उनके लडके राजेंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल किया। सुनवाई के दौरान ही राजेंद्र की मौत हो गई ,उनके जगह पर उनके लड़के कमलेश ने मामले की पैरवी शुरू किया। सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को यथावत रखते हुए मुरारी व उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण को गिराए जाने का आदेश दिया। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आजमगढ़ दीवानी न्यायालय के कोर्ट अमीन और कोतवाली घोसी क्षेत्र के अमिला पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी बुधवार को मौके पर पहुंचकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराते मुरारी द्वारा कराए गए अवैध निर्माण को गिरा दिया। तथा उस जमीन पर गोविंद के लडके शिवनाथ गुप्ता को कब्जा दिलाया।
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