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लगाए 2600 पौधे, देखरेख के अभाव में पशु चर गए 2340 पौधे

Wed, 22 Jul 2020 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 11:24 PM IST
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2600 plants planted, 2340 plants grazed by animals due to lack of care
मुहम्मदाबाद गोहना। लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले खुद इसे अपनाने में पीछे रह रहे हैं। फलस्वरूप हर साल लाखों रुपये कीमत का पौधा पशुओं की खुराक बन रहा हैं। ऐसा ही हाल मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत का हैं। नगर पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण की औपचारिकता करते हुए 26 सौं पौधे लगा तो दिए थे, लेकिन इसका देखभाल करने की जिम्मेदारी भूल गए।परिणाम स्वरूप इन पौधों में केवल 260 ही आकार ले सके, जबकि अन्य पशुओं को भोजन बन गए।
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पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं । जिसमें पौधरोपण को प्राथमिकता पर रखा गया है। इसीक्रम में बीते वर्ष मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत द्वारा विभिन्न जगहों पर 2600 पौधे लगाते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। लेकिन पौधे लगाने के बाद जिम्मेदार इसका देेखभाल करना भूल गए।नतीजा यह इसमें केवल 260 पौधे ही अस्तित्व में आ सके, जबकि अन्य पौधे या सूख गए या तो पशुओं की खुराक बन गए।
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इस वर्ष भी निकाय द्वारा 1150 पौधे लगाए गए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा का इंतजाम भगवान भरोसे ही है।बताते चले कि लगभग 12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और लगभग 48000 आबादी वाली नगर पंचायत मुहम्मदाबाद गोहना में कुल है 18 वार्ड हैं। पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सभी वार्डों में पौधरोपण की व्यवस्था की जाती है। लेकिन यह केवल खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। विगत 2 सालों में 3500 से अधिक पौधे लगाए गए हैं लेकिन पौधों की सुरक्षा के लिए ब्रिक गार्ड, आयरन जाली आदि का इंतजाम ना होने से 90 फीसदी से अधिक पौधे या तो लग ही नहीं सके या फिर पशुओं द्वारा नुकसान कर दिया गया।
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वहीं नगर पंचायत की प्रभारी अध्यक्ष ज्वाइंट मजिस्ट्रेट डॉ. अंकुर लाठर का कहना है कि पौधरोपण के बाद इसकी सुरक्षा को लेकर कोई न कोई इंतजाम अवश्य किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो शासन के संज्ञान में ीलाकर पौधों की सुरक्षा के लिए जाली, ब्रीक गार्ड के लिए बजट का प्रावधान कराया जाएगा। कहा कि नगर पंचायत कर्मियों को पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा रही है और हर हालत में इनके रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी।

ईओ रामसमुख ने बताया कि नगर क्षेत्र होने के नाते नगर में सरकारी जमीन का अभाव है। कहीं पर भी खाली जमीन न मिल पाने से नदी बंधा रोड, कब्रिस्तान, पोखरे, भीटा तथा नगर पंचायत के अन्य चुनिंदा स्थलों पर पौधरोपण किया जाता है। लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए 14वें व राजवित्त में धन खर्च करने की कोई व्यवस्था ना होने से जाली नहीं लगाई जा रही है।
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