{"_id":"5bd890bdbdec226966335ecb","slug":"21540919485-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खून की कमी से नहीं होता हैं शारीरिक विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खून की कमी से नहीं होता हैं शारीरिक विकास
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिरैयाकोट। साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड पूर्ति (डब्ल्यूआईएफएस) कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पीकेएस स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में रानीपुर पीएचसी के प्रभारी डा. फिरोज अहमद खान ने डब्ल्यूआईएफएस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम को इस उद्देश्य से शुरू किया गया है ताकि किशोरों में खून की कमी को रोकने के साथ ही इस पर नियंत्रण पाया जा सके। भारत के कुल आबादी में से 22 प्रतिशत किशोर हैं। किशोरों की आधी आबादी में खून की कमी है। खून की कमी से शरीर का पूरा विकास नहीं होता। स्कूलों में किशोरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होता और दैनिक काम-काज में एकाग्रता कम रहती है. इससे कार्य-क्षमता और बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस मौके पर डा. अशोक कुमार भारती, डा. अभिषेक गुप्ता, स्कूल प्राचार्य विनोद कुमार राय, चेयरमैन यूनुस खान, प्रबंधक परवेज अहमद खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में रानीपुर पीएचसी के प्रभारी डा. फिरोज अहमद खान ने डब्ल्यूआईएफएस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम को इस उद्देश्य से शुरू किया गया है ताकि किशोरों में खून की कमी को रोकने के साथ ही इस पर नियंत्रण पाया जा सके। भारत के कुल आबादी में से 22 प्रतिशत किशोर हैं। किशोरों की आधी आबादी में खून की कमी है। खून की कमी से शरीर का पूरा विकास नहीं होता। स्कूलों में किशोरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होता और दैनिक काम-काज में एकाग्रता कम रहती है. इससे कार्य-क्षमता और बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस मौके पर डा. अशोक कुमार भारती, डा. अभिषेक गुप्ता, स्कूल प्राचार्य विनोद कुमार राय, चेयरमैन यूनुस खान, प्रबंधक परवेज अहमद खान आदि मौजूद रहे।