{"_id":"5a8c5e0f4f1c1b387b8b79d7","slug":"21519148559-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिछड़े गांवों के सुविधाविहीन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के बहुरेंगे दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिछड़े गांवों के सुविधाविहीन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के बहुरेंगे दिन
Updated Tue, 20 Feb 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिले के पिछड़े गांवों के सुविधाविहीन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के दिन जल्द ही बहुरेंगे। सरकार की तरफ से जिले के प्रत्येक ब्लाक के सात-सात परिषदीय सुविधाविहीन और कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों के समकक्ष खड़ा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
जिले के पिछड़े गांवों के सुविधाविहीन परिषदीय विद्यालयों को हाइटेक करने की कवायद तेज कर दी गई है। चयनित विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। चयनित शिक्षकों को मानक के अनुरूप छात्रों का दाखिला कराना होगा। शासन की तरफ से पूर्व में जिले के प्रत्येक ब्लाकों से पांच-पांच पर्याप्त संसाधन तथा अधिक छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने के लिए फरमान जारी किया गया था। अब सरकार ने शासनादेश में बदलाव किया है।
शासनादेश के मुताबिक प्रत्येक ब्लाकों से सात-सात परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया जाएगा। स्कूलों के चयन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ और राजकीय बालिका इंटर कालेज के अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता टीम में शामिल किए गए हैं। नए नियम के तहत एक ही ग्राम सभा में स्थित दो विद्यालयों का चयन नहीं किया जाना है। शिक्षकों के चयन के लिए विभाग की तरफ से लिखित परीक्षा कराई जाएगी। चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में मानक के अनुरुप छात्रों का दाखिला कराने के साथ ही अभिभावकों का विश्वास जीतने की जिम्मेदारी दी जाएगी। अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से 70 प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस बाबत प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम का कहना है कि चयन प्रक्रिया चल रही है। अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से जिले में 70 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के पिछड़े गांवों के सुविधाविहीन परिषदीय विद्यालयों को हाइटेक करने की कवायद तेज कर दी गई है। चयनित विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। चयनित शिक्षकों को मानक के अनुरूप छात्रों का दाखिला कराना होगा। शासन की तरफ से पूर्व में जिले के प्रत्येक ब्लाकों से पांच-पांच पर्याप्त संसाधन तथा अधिक छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने के लिए फरमान जारी किया गया था। अब सरकार ने शासनादेश में बदलाव किया है।
विज्ञापन
शासनादेश के मुताबिक प्रत्येक ब्लाकों से सात-सात परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया जाएगा। स्कूलों के चयन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ और राजकीय बालिका इंटर कालेज के अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता टीम में शामिल किए गए हैं। नए नियम के तहत एक ही ग्राम सभा में स्थित दो विद्यालयों का चयन नहीं किया जाना है। शिक्षकों के चयन के लिए विभाग की तरफ से लिखित परीक्षा कराई जाएगी। चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में मानक के अनुरुप छात्रों का दाखिला कराने के साथ ही अभिभावकों का विश्वास जीतने की जिम्मेदारी दी जाएगी। अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से 70 प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस बाबत प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम का कहना है कि चयन प्रक्रिया चल रही है। अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से जिले में 70 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन