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नए नियम को लेकर ऊहापोह में हैं व्यापारी
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
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मऊ। सरकार की ओर से जीएसटी लागू होने के पांच दिन बाद भी व्यापारियों की शंकाओं का समाधान नहीं किया जा सका है। कागज में विभाग की तरफ से 40 से अधिक कार्यशालाओं का आयोजन कर व्यापारियों को जागरुक किया गया है। व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से काफी संख्या में ऐसे व्यापारी हैं जो नए नियम को लेकर ऊहापोह में पड़े हुए हैं। छह हजार टीन नंबर वाले व्यापारियों में से अब तक 4613 व्यापारियों ने जीएसटी के लिए आवेदन किया है। जीएसटी पोर्टल का सर्वर डाउन चलने के चलते मात्र एक ही पंजीकरण शो कर रहा है।
जीएसटी के प्रति जागरूक करने के लिए योगी सरकार की तरफ से प्रशासन और वाणिज्य विभाग को निर्देश दिया है। इसके बावजूद व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से व्यापारियों की शंकाओं का समाधान नहीं किया जा सका है। कहने को तो व्यापारियों को जीएसटी मामले में व्यापारियों की मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कामन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मदद करने का दावा करते दिख रहे हैं। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से पूर्व 40 कार्यशाला लगाई जा चुकी है। सूूूत्रों की मानें तो छह हजार टीन नंबर वाले व्यापारियों में से अब तक 4613 व्यापारियों ने जीएसटी के लिए आवेदन किया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी अधिकृत तौर पर जीएसटी आवेदन करने वाले व्यापारियों का डाटा नहीं मिला है। जीएसटी पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आने के चलते काफी स्लो चल रहा है। इसके चलते अब तक एक ही जीएसटी पंजीयन होना ही शो कर रहा है। इस संबंध में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि जीएसटी के नए नियमों को लेकर व्यापारी ऊहापोह में पड़े हुए हैं। उनकी शंकाओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसी क्रम में उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बरनवाल का कहना है कि खास समस्या नहीं आ रही है। पोर्टल स्लो चलने के चलते काफी असुविधा हो रही है। नए नियम को लेकर लोग समझ रहे हैं। साड़ी व्यवसायी अमित खंडेलवाल का कहना है कि नए नियम के बारे में पूरी तरह से जानकारी हासिल नहीं हो पाई है।संबंधित विभाग की तरफ से विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है। इस बाबत डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर एके बनर्जी का कहना है कि तकनीकी समस्या के चलते जीएसटी पोर्टल स्लो चल रहा है। अब तक जीएसटी की 40 कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है। अधिकारी व कर्मचारी के अलावा हेल्प डेस्क से लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।
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जीएसटी के लिए हेल्प डेस्क
मऊ। जीएसटी पंजीकरण कराने में कोई परेशानी न हो इसके लिए वाणिज्य कर विभाग ने हेल्प डेस्क खोला गया है। कार्यालय के नंबर 0547-2220921, 7235003459-61 पर कभी भी कोई व्यापारी फोन कर जीएसटी के संबंध में जानकारी हासिल कर सकता है।
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जीएसटी के प्रति जागरूक करने के लिए योगी सरकार की तरफ से प्रशासन और वाणिज्य विभाग को निर्देश दिया है। इसके बावजूद व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से व्यापारियों की शंकाओं का समाधान नहीं किया जा सका है। कहने को तो व्यापारियों को जीएसटी मामले में व्यापारियों की मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कामन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मदद करने का दावा करते दिख रहे हैं। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से पूर्व 40 कार्यशाला लगाई जा चुकी है। सूूूत्रों की मानें तो छह हजार टीन नंबर वाले व्यापारियों में से अब तक 4613 व्यापारियों ने जीएसटी के लिए आवेदन किया है।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी अधिकृत तौर पर जीएसटी आवेदन करने वाले व्यापारियों का डाटा नहीं मिला है। जीएसटी पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आने के चलते काफी स्लो चल रहा है। इसके चलते अब तक एक ही जीएसटी पंजीयन होना ही शो कर रहा है। इस संबंध में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि जीएसटी के नए नियमों को लेकर व्यापारी ऊहापोह में पड़े हुए हैं। उनकी शंकाओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसी क्रम में उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बरनवाल का कहना है कि खास समस्या नहीं आ रही है। पोर्टल स्लो चलने के चलते काफी असुविधा हो रही है। नए नियम को लेकर लोग समझ रहे हैं। साड़ी व्यवसायी अमित खंडेलवाल का कहना है कि नए नियम के बारे में पूरी तरह से जानकारी हासिल नहीं हो पाई है।संबंधित विभाग की तरफ से विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है। इस बाबत डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर एके बनर्जी का कहना है कि तकनीकी समस्या के चलते जीएसटी पोर्टल स्लो चल रहा है। अब तक जीएसटी की 40 कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है। अधिकारी व कर्मचारी के अलावा हेल्प डेस्क से लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।
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जीएसटी के लिए हेल्प डेस्क
मऊ। जीएसटी पंजीकरण कराने में कोई परेशानी न हो इसके लिए वाणिज्य कर विभाग ने हेल्प डेस्क खोला गया है। कार्यालय के नंबर 0547-2220921, 7235003459-61 पर कभी भी कोई व्यापारी फोन कर जीएसटी के संबंध में जानकारी हासिल कर सकता है।