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इंदारा-दोहरीघाट रेल बस बंद होने से हो रही परेशानी
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:16 AM IST
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इंदारा से दोहरीघाट तक लोगों को सफर कराने वाली छोटी रेल लाइन वाली रेलबस को बड़ी लाइन में बदलने के लिए एक फरवरी 2018 से बंद कर दिया गया है। रेलवे की माने तो आमान परिर्वतन के लिए उक्त कदम उठाया गया है। पांच माह से ज्यादा समय से रेलबस का संचालन बंद होने अमिला, दोहरीघाट, घोसी, कोपागंज कस्बे के सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही। शिकायत के बाद भी रेल अधिकारी लापरवाह बने हैं।
बता दे कि इंदारा से दोहरीघाट 35 किमी लंबे मार्ग पर आवागमन के लिए लोगों के लिए सबसे सस्ता और बेहतर वाहन रेलबस थी। जिससे रोजाना नगर पंचायत अदरी, कोपागंज, घोसी, अमिला और दोहरीघाट के सैकड़ों लोगों को आवागमन होता रहता था। लेकिन छोटी लाइन को बदलकर बड़ी लाइन के लिए 1 फरवरी 2018 को रेलबस का संचालन बंद कर दिया गया। कई माह से रेलबस का संचालन बंद होने के चलते सैकड़ों गांव के ग्रामीणों को जहां परेशानी उठानी पड़ रही हैं, वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत घोसी, दोहरीघाट, कोपागंज के बुनकरों को उठानी पड़ रही है। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के चलते रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले मजदूर कम किराया में सफर करते थे। जहां अब उन्हें ज्यादा समय और ज्यादा रुपए देकर आवागमन करने को मजबूर है। इस संबंध में नरग पंचायत के पूर्व चैयरमैन गुलाबचन्द गुप्त, व्यापार मंडल अध्यक्ष विनय जायसवाल, वर्तमान चैयरमैन वेदाना सोनकर सहित आदि ने रेलबस चलाने की मांग की है।
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बता दे कि इंदारा से दोहरीघाट 35 किमी लंबे मार्ग पर आवागमन के लिए लोगों के लिए सबसे सस्ता और बेहतर वाहन रेलबस थी। जिससे रोजाना नगर पंचायत अदरी, कोपागंज, घोसी, अमिला और दोहरीघाट के सैकड़ों लोगों को आवागमन होता रहता था। लेकिन छोटी लाइन को बदलकर बड़ी लाइन के लिए 1 फरवरी 2018 को रेलबस का संचालन बंद कर दिया गया। कई माह से रेलबस का संचालन बंद होने के चलते सैकड़ों गांव के ग्रामीणों को जहां परेशानी उठानी पड़ रही हैं, वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत घोसी, दोहरीघाट, कोपागंज के बुनकरों को उठानी पड़ रही है। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के चलते रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले मजदूर कम किराया में सफर करते थे। जहां अब उन्हें ज्यादा समय और ज्यादा रुपए देकर आवागमन करने को मजबूर है। इस संबंध में नरग पंचायत के पूर्व चैयरमैन गुलाबचन्द गुप्त, व्यापार मंडल अध्यक्ष विनय जायसवाल, वर्तमान चैयरमैन वेदाना सोनकर सहित आदि ने रेलबस चलाने की मांग की है।
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