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पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के प्रयास से 12 परिवारों में लौटी खुशियां
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:16 PM IST
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मऊ। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइंस स्थित महिला थाने में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह के निर्देशन में हुई। इसमें कुल 42 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 15 मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें छह जोड़ों से अपने- अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिसके चलते 12 परिवारों के बीच टूट की कगार पर पहुंच चुका रिश्ते जुड गए जिससे उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 11 फरवरी 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से मनोज और सोनी, शकीला खातून और मुहम्मद आशिफ, शबाना खातून और मुहम्मद इरफान, तौहिक आलम और सुल्तान अहमद ,सरिता और रामशब्द राजभर तथा रीता और संदीप ने अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को राजी हो गए। जिसके चलते 12 परिवारों में रिश्तों में आई खटास दूर हो गई। वही रोशनतारा और शाहेद्दीन, शीबा परवीन और मुहम्मद अशरफ, कलावती और भूपेन्द्र, राम अवध और लाल बहादुर , रेखा मिश्रा और धर्मराज, अफसाना और अनवर , कमरुनिशा और निकहत परवीन , शबीना खातून और जुल्फेकार अहमद तथा साधना और अनिल के मामले में पक्षकारों की सहमति कोर्ट में मामला विचाराधीन होने तथा पक्षकारों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान चार मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। वही 18 मामलों में एक- एक पक्ष उपस्थित हुए तथा पांच मामलों में कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 11 फरवरी और 18 फरवरी 2018 नियत कर पक्षों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, डा. एमए खान, रेशमा हासिमी, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता और गीता देवी ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से मनोज और सोनी, शकीला खातून और मुहम्मद आशिफ, शबाना खातून और मुहम्मद इरफान, तौहिक आलम और सुल्तान अहमद ,सरिता और रामशब्द राजभर तथा रीता और संदीप ने अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को राजी हो गए। जिसके चलते 12 परिवारों में रिश्तों में आई खटास दूर हो गई। वही रोशनतारा और शाहेद्दीन, शीबा परवीन और मुहम्मद अशरफ, कलावती और भूपेन्द्र, राम अवध और लाल बहादुर , रेखा मिश्रा और धर्मराज, अफसाना और अनवर , कमरुनिशा और निकहत परवीन , शबीना खातून और जुल्फेकार अहमद तथा साधना और अनिल के मामले में पक्षकारों की सहमति कोर्ट में मामला विचाराधीन होने तथा पक्षकारों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान चार मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। वही 18 मामलों में एक- एक पक्ष उपस्थित हुए तथा पांच मामलों में कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 11 फरवरी और 18 फरवरी 2018 नियत कर पक्षों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, डा. एमए खान, रेशमा हासिमी, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता और गीता देवी ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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