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माहवारी के प्रति 20 हजार छात्राएं होंगी जागरूक, मिलेंगे नि:शुल्क सेनेटरी पैड
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जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा छात्राओं को माहवारी को लेकर जागरूक किया जाएगा। जनपद के अनेक क्षेत्रों में संचालित सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को माहवारी के दौरान होने वाली परेशानी और उससे निदान को लेकर बताया जाएगा। साथ ही 19 साल के छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड दिए जाएंगे।
जनपद में किशोरी सुरक्षा योजना के तहत 19 साल के छात्राएं जो सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत हैं, उनको विद्यालय में ही स्कूल के महिला शिक्षक या किसी नामित छात्रा द्वारा दिया जाएगा। छात्राओं को पैड वितरण का उद्देश्य उनका कक्षा का न छोड़ना, माहवारी को लेकर जागरूक करना साथ ही माहवारी के दौरान पैड को छोड़कर दूसरे वस्तु के प्रयोग से बचाना है, जो इंफेक्शन का कारण बनते हैं। सेनेटरी पैड को वितरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है बेसिक शिक्षा विभाग ने 19 हजार और और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक हजार 50 छात्राओं की संख्या भेजी है। इस संख्या के आधार पर स्वास्थ्य विभाग स्टेट बजट से पैड की खरीदारी करेगा। पैड आने के बाद सभी ब्लॉक पर उपलब्ध कराया जाएगा। जहां से बीआरसी छात्राओं की संख्या के आधार पर संबंधित विद्यालय को देगा। जहां से पहले से नामित महिला शिक्षक या किसी छात्रा को जागरूक कर पैड का वितरण होगा। हर छात्रा को एक माह के लिए एक पैकेट मिलेगा, जिसमें छह पैड होंगे। जो माह में माहवारी के दौरान उपयोग होगा। इसके साथ ही इन सभी विद्यालय में उपयोग किए गए पैड के लिए बाथरूम में डिस्ट्रायर मशीन भी लगाई जाएगी, जिसमें पैड को डालने के बाद वह जल जाएगा।
आमतौर पर माहवारी के दौरान छात्राएं कई मामलों में संकाेच करती है, इसलिए सही समय पर उसे जागरूक करना बेहद जरूरी होता है। जानकारी के अभाव में पैड के अलावा दूसरी वस्तु का प्रयोग इंफेक्शन का कारण बन जाती है। छात्रा का माहवारी के दौरान कक्षा न छूटे, उसे सही जानकारी मिले, इसलिए उसे पैड का वितरण किया जाएगा। यह कार्यक्रम हर माह पूरे साल तक चलेगा। -डॉ. बीके यादव, नोडल अधिकारी
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जनपद में किशोरी सुरक्षा योजना के तहत 19 साल के छात्राएं जो सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत हैं, उनको विद्यालय में ही स्कूल के महिला शिक्षक या किसी नामित छात्रा द्वारा दिया जाएगा। छात्राओं को पैड वितरण का उद्देश्य उनका कक्षा का न छोड़ना, माहवारी को लेकर जागरूक करना साथ ही माहवारी के दौरान पैड को छोड़कर दूसरे वस्तु के प्रयोग से बचाना है, जो इंफेक्शन का कारण बनते हैं। सेनेटरी पैड को वितरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है बेसिक शिक्षा विभाग ने 19 हजार और और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक हजार 50 छात्राओं की संख्या भेजी है। इस संख्या के आधार पर स्वास्थ्य विभाग स्टेट बजट से पैड की खरीदारी करेगा। पैड आने के बाद सभी ब्लॉक पर उपलब्ध कराया जाएगा। जहां से बीआरसी छात्राओं की संख्या के आधार पर संबंधित विद्यालय को देगा। जहां से पहले से नामित महिला शिक्षक या किसी छात्रा को जागरूक कर पैड का वितरण होगा। हर छात्रा को एक माह के लिए एक पैकेट मिलेगा, जिसमें छह पैड होंगे। जो माह में माहवारी के दौरान उपयोग होगा। इसके साथ ही इन सभी विद्यालय में उपयोग किए गए पैड के लिए बाथरूम में डिस्ट्रायर मशीन भी लगाई जाएगी, जिसमें पैड को डालने के बाद वह जल जाएगा।
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आमतौर पर माहवारी के दौरान छात्राएं कई मामलों में संकाेच करती है, इसलिए सही समय पर उसे जागरूक करना बेहद जरूरी होता है। जानकारी के अभाव में पैड के अलावा दूसरी वस्तु का प्रयोग इंफेक्शन का कारण बन जाती है। छात्रा का माहवारी के दौरान कक्षा न छूटे, उसे सही जानकारी मिले, इसलिए उसे पैड का वितरण किया जाएगा। यह कार्यक्रम हर माह पूरे साल तक चलेगा। -डॉ. बीके यादव, नोडल अधिकारी
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