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घाघरा लाल निशान से 20 सेमी ऊपर
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:17 PM IST
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कटान को रोकने के लिए रखी पत्थरों से भ्ारीं बोरियां।
- फोटो : मऊ
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घाघरा का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी कटान जारी रहने से कस्बेवासियों तथा तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कने बढ़ती जा रही हैं। नदी अभी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है। मुक्तिधाम पर स्थित शमशान घाट तथा खाकी बाबा की कुटी के पास कटान जारी रहने से लोग दहशत में हैं।
कटान जारी रहने के चलते दोहरीघाट का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। घाघरा के जलस्तर स्थिर रहने के बाद नदी दोहरीघाट तथा मधुबन के देवारा में कहर बरपाने का क्रम जारी है। नदी के रुख से कटान पीड़ितों में भय है। दोहरीघाट में घाघरा खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है। गौरी शंकर घाट पर घाघरा का जल स्तर बुधवार को 70.10 मीटर रहा।
मंगलवार को जल स्तर 70.10 मीटर रहा। मुक्तिधाम के पास श्मशासन घाट के पास, खाकी बाबा कुटी के पास कटान जारी रहने से नगर की एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि जहां खतरे में है। वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाकों के मैदानों में पानी घुस जाने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है।
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कटान जारी रहने के चलते दोहरीघाट का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। घाघरा के जलस्तर स्थिर रहने के बाद नदी दोहरीघाट तथा मधुबन के देवारा में कहर बरपाने का क्रम जारी है। नदी के रुख से कटान पीड़ितों में भय है। दोहरीघाट में घाघरा खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है। गौरी शंकर घाट पर घाघरा का जल स्तर बुधवार को 70.10 मीटर रहा।
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मंगलवार को जल स्तर 70.10 मीटर रहा। मुक्तिधाम के पास श्मशासन घाट के पास, खाकी बाबा कुटी के पास कटान जारी रहने से नगर की एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि जहां खतरे में है। वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाकों के मैदानों में पानी घुस जाने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है।
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